एक्सक्लूसिव : कोरोना वैक्सीनेशन के लिए उत्तराखंड ने 94 हजार हेल्थ वर्कर की सूची केंद्र को भेजी
प्रदेश में कोरोना से जंग की तैयारी तेज हो गई है। स्वास्थ्य महकमे ने प्रदेशभर में 94 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की सूची बनाकर केंद्र सरकार को भेज दी है। अब केंद्र ने फ्रंटलाइन वर्कर यानी पुलिस के साथ ही 50 वर्ष से अधिक आयु के बीमार लोगों की सूची भी मांगी है। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश में कोरोना वैक्सीन नए साल की शुरुआत में आने की उम्मीदों के चलते काम तेज हो गया है। वैक्सीन के वितरण और कोल्ड चेन प्रबंधन के लिए सरकार ने राज्य, जिला और ब्लाक स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर लिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
कोरोना वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्तोलिया ने बताया कि कुल नौ श्रेणियों में सभी सरकारी और निजी अस्पताल व संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मियों को बांटकर वैक्सीन का प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण के लिए प्रदेशभर से 94 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की सूची, उनकी पूरी जानकारी के साथ केंद्र को भेजी जा चुकी है।
यह सूची सभी जिलों से मंगाई गई थी। अब केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद फ्रंटलाइन वर्कर और 50 वर्ष से अधिक आयु के बीमार व्यक्तियों की सूची तैयार की जा रही है। पहले चरण में इन्हीं लोगों को कोरोना वैक्सीन देने की तैयारी है।
तीन स्तर पर बनी है टास्क फोर्स
कोरोना वैक्सीन को आम जन तक पहुंचाने के लिए तीन स्तर पर टास्क फोर्स बन चुकी हैं। राज्य स्तर की टास्क फोर्स के अध्यक्ष मुख्य सचिव ओम प्रकाश हैं। जबकि स्वास्थ्य महानिदेशक सदस्य सचिव हैं।
इसमें सचिव वित्त, स्वास्थ्य, गृह, महिला एवं बाल विकास, आयुष, शहरी विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, विद्यालयी शिक्षा, एनएचएम मिशन निदेशक, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ, यूएनडीपी के प्रोजेक्ट अफसर, आईएमए अध्यक्ष, आईएपी अध्यक्ष को सदस्य बनाया गया है।
जिला स्तर की टास्क फोर्स के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी यहां सदस्य सचिव हैं। इसके अलावा एसएसपी, मुख्य विकास अधिकारी, शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रभारी, मुख्य नगर अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी सदस्य और टीकाकरण में काम रही गैर सरकारी संस्थाएं विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।
इसके बाद ब्लॉक स्तर पर बनी टास्क फोर्स में एसडीएम अध्यक्ष हैं। यहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सदस्य सचिव हैं। इस टास्क फोर्स में डीएसपी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य नगर अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी सदस्य और गैर सरकारी संस्थाओं से विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।
इन्हें पहले चरण में नौ श्रेणी में इन लोगों को मिलेगी कोरोना वैक्सीन
1. फ्रंटलाइन हेल्थ व आईसीडीएस वर्कर : एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा, आशा फैसेलिटेटर, एडब्ल्यूडब्ल्यू, एडब्ल्यू सहायिका।
2. नर्स एवं सुपरवाइजर : स्टाफ नर्स, पीएचएन, एलएचवी, सीएचओ, हेल्थ एवं आईसीएस सुपरवाइजर, सीडीपीओ, सीएमएचओ आदि।
3. मेडिकल ऑफिसर : एलोपैथिक डॉक्टर, आयुष डॉक्टर, डेंटिस्ट, चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत अन्य प्रशासनिक स्टाफ।
4. पैरामेडिकल स्टाफ : लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, फार्मेसिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, रेडियोग्राफर, नर्सिंग ऑर्डरलाइज, वार्ड ब्वाय व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ।
5. सपोर्ट स्टाफ : ड्राइवर, सिक्योरिटी स्टाफ, सफाई कर्मचारी व अन्य सपोर्टिंग स्टाफ।
6. छात्र-छात्राएं : मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग व पैरामेडिकल के छात्र-छात्राएं।
7. साइंटिस्ट व रिसर्च स्टाफ
8. क्लेरिकल व प्रशासनिक स्टाफ
9. अन्य हेल्थ स्टाफ
कोविड वैक्सीन को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। सबसे पहले ये स्वास्थ्य और फ्रंट लाइन वर्कर पर लगाए जाएंगे। इनकी संख्या करीब एक लाख है। इनका डाटा तैयार कर केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। सभी जिलों व कोविड केयर सेंटरों में कोल्ड चेन स्थापित की जा रही है।
- अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य