देहरादून : जब 10 लोग जमा होंगे तभी लगेगा कोरोना का टीका, टीकों की बर्बादी रोकने के लिए डीएम ने दिए निर्देश
कोरोना टीकाकरण की एक वायल में दस टीके होते हैं। एक बार वायल खुलने के बाद जो टीके नहीं लगते, वो खराब हो जाते हैं। टीकाकरण केंद्रों पर ऐसे काफी संख्या में टीके खराब हो रहे हैं।
विस्तार
टीकाकरण केंद्रों पर टीका तभी लगेगा, जब 10 लोग जमा हो जाएंगे। टीकों की बर्बादी रोकने के लिए जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने यह व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। बड़े टीकाकरण केंद्रों पर उन्होंने संख्या कम होने पर एक-दूसरे काउंटरों में लोगों को समायोजित करने को कहा।
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कोरोना टीकाकरण की एक वायल में दस टीके होते हैं। एक बार वायल खुलने के बाद जो टीके नहीं लगते, वो खराब हो जाते हैं। टीकाकरण केंद्रों पर ऐसे काफी संख्या में टीके खराब हो रहे हैं। 10 से कम लोग पहुंचने के कारण उन्हें तो टीका लग रहा है, लेकिन बाकी खराब हो रही हैं।
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इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने कम से कम 10 लोगों के जमा होने के बाद ही टीका लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इससे वायल में टीकों को खराब होने से रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों पर एक से ज्यादा काउंटर है, वहां लोगों की संख्या 10 करने के लिए उन्हें एक से दूसरे काउंटर में समायोजित किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन केंद्रों पर टीकाकरण चल रहा है, वहां जारी रहेगा।
कुल 2165 को लगा टीका
मंगलवार को राजधानी के 13 केंद्रों पर 18 से 44 वर्ष के कुल 2165 लोगों को टीका लगा। इसके साथ ही अब तक कुल 19879 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। लोगों ने टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाए जाने की मांग की है। लाखों लोग टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं, जबकि कुछ हजार को ही टीका लगा है।
बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचे लोगों को लौटाया
हरिद्वार बाईपास स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में जंबो वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है, जहां अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। मंगलवार को यहां 18 से 44 आयु वर्ग में 380 लोगों को टीका लगाया गया। स्लॉट बुक होने के कारण भीड़ ज्यादा नहीं रही। वहीं, कई लोग बिना रजिस्ट्रेशन कराए भी पहुंचे। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
दून अस्पताल में आधे लोग भी नहीं पहुंचे
दून अस्पताल में मंगलवार को भी आधे लोग भी टीका लगाने के लिए नहीं पहुंचे। अस्पताल में रोजाना 200 लोगों को ऑनलाइन स्लॉट दिया जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या लोग आ नहीं रहे हैं। मंगलवार को केवल 99 लोगों ने ही टीका लिया। 14 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके की पहली डोज लगाई। वहीं, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों ने पहली और पांच ने दूसरी डोज लगवाई।
गांधी शताब्दी में 132 को लगा टीका
गांधी शताब्दी में मंगलवार को 132 लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया। अस्पताल में 20 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना की पहली डोज लगवाई। जबकि 15 फ्रंट लाइन वर्कर्स ने भी कोरोना टीके की पहली डोज लगवाई। 45 से अधिक उम्र के 96 लोगों ने कोरोना टीके की पहली डोज और एक ने दूसरी डोज लगवाई।
कोई भटक रहा तो, कोई नहीं पहुंच रहा सेंटर
एक तरफ लोग टीके के लिए भटक रहे हैं। वहीं दूसरी और कुछ लोगों की वजह से हर रोज टीके की डोज बर्बाद हो रही हैं। मैन्युअली रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था न होने के कारण यह बची डोज दूसरे को नहीं लगाई जा रही है। दून में बुर्जुगों के साथ ही 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।
इसके लिए दून में विभिन्न स्थानों पर वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं। वैक्सीन लगाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। रजिस्ट्रेशन के साथ ही बिना स्लॉट बुक कराए वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है। वैक्सीनेशन के लिए मारी-मारी मची हुई है। स्लॉट खुलते ही फुल हो रहा है। इसलिए लोग कई दिनों से वैक्सीन के लिए भटक रहे हैं। वहीं दूसरी और दून में वैक्सीन की कई डोज रोज बर्बाद भी हो रही हैं।
दरअसल, सेंटरों पर 10-10 के हिसाब से वैक्सीन लगाई है। इनमें कई लोग स्लॉट बुक कराने के बाद सेंटर पर नहीं पहुंच रहे हैं। चूंकि स्लॉट किसी दूसरे के नाम पर रजिस्टर्ड है, इसलिए यह डोज दूसरी को भी नहीं लगाई जा रही है। दून के अधिकतर सेंटरों पर यही स्थिति है।