Corona Vaccine in Uttarakhand : गुरुवार को 34 बूथों पर 2087 स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई कोविड वैक्सीन
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उत्तराखंड में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के चौथे दिन गुरुवार को 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगवाई गई। चार दिनों में 8206 कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 13 जिलों के 34 बूथों पर टीकाकरण सफल रहा है।
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प्रदेश में पहले चरण का कोरोना टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में 34 बूथों पर ही स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाई जा रही है। चौथे दिन पूरे प्रदेश में 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। प्रत्येक बूथ पर एक दिन में 100 स्वास्थ्य कर्मियों को वैकसीन लगाने का लक्ष्य है। केंद्र की ओर से वैक्सीन लगवाने के लिए मोबाइल पर मैसेज की अनिवार्यता में छूट दी गई।
इसके बावजूद भी वैक्सीन लगवाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले चरण में वैक्सीन लगाने के लिए छह माह का समय है। चार दिनों में 8206 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश में कोरोना टीकाकरण सुचारु रूप से चल रहा है। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। उन्हें 28 दिनों के भीतर दूसरी डोज दी जाएगी।
प्रदेश में आज लगी वैक्सीन का जिलावार ब्योरा
जिला वैक्सीन लगवाने वाले
अल्मोड़ा 97
बागेश्वर 120
चमोली 148
चंपावत 197
देहरादून 286
हरिद्वार 162
नैनीताल 153
पौड़ी 143
पिथौरागढ़ 141
रुद्रप्रयाग 146
टिहरी 163
ऊधमसिंह नगर 198
उत्तरकाशी 133
कुल - 2087
कोविन एप में मिला नया विकल्प
कोविन एप में नया विकल्प मिला है। टीकाकरण वाले दिन अगर शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं होता है और टीकाकरण का समय बचता है तो उन्हें भी बुलाया जा सकता है कि जिन्हें अगले दिन टीका लगना है।
एक दिन में तीन सौ लोगों को तीन केंद्रों पर कोविड का टीका लगाया जा रहा है। अभी तक कोविन एप से टीकाकरण करने वालों की सूची निकलती थी और उन्हीं के टीका लगाया जाता है। इस कारण शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो पाया है।
एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि तीन दिन में तीन सौ लोगों को टीका लगाया जाना है। अगर उस दिन केंद्र पर सौ लोग नहीं पहुंच पाते हैं और टीकाकरण का समय शेष रहता है तो अगले दिन जिन्हें टीका लगना है उन्हें टीकाकरण के लिए बुलाया जा सकता है। साथ ही उस दिन छूटे लोगों से संपर्क करके उन्हें आगे टीका लगाया जा सकता है।