कोरोना की तीसरी लहर : तेज हुई बच्चों को बचाने की तैयारी, दून अस्पताल में लगाए जाएंगे 200 आईसीयू बेड
कोरोना की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में बेड की किल्लत न हो इसे देखते हुए अभी से व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू और नियोनेटल आईसीयू में 200 बेड जाएंगे।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका को देखते हुए दून अस्पताल प्रशासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पताल में 200 आईसीयू बेड लगाए जाएंगे। ताकि, जरूरत पड़ने पर बच्चों को इलाज मिल सके।
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दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में बेड की किल्लत न हो इसे देखते हुए अभी से व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू और नियोनेटल आईसीयू में 200 बेड जाएंगे।
साथ ही बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले तमाम चिकित्सकीय उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। दून अस्पताल की नई बिल्डिंग में पीडियाट्रिक आईसीयू का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। फिलहाल अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 60 आईसीयू बेड हैं।
दून अस्पताल में दो अत्याधुनिक ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा डीआरडीओ
राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल में अब ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। केंद्र सरकार के कोटे से आवंटित दो ऑक्सीजन प्लांट डीआरडीओ की ओर से लगाया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार के कोटे से भी आवंटित एक ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया जा रहा है। इस संबंध में डीआरडीओ के विशेषज्ञों ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया है।
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि डीआरडीओ की ओर से अस्पताल परिसर में एक-एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन गैस का उत्पादन करने वाले प्लांट लगाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर डीआरडीओ के विशेषज्ञों की टीम अस्पताल का दौरा कर स्थान भी चिह्नित कर चुकी है। चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार 15 दिन के भीतर ऑक्सीजन प्लांट के संचालित हो जाने की उम्मीद है।
वहीं राज्य सरकार की ओर से भी दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर स्वीकृति दी गई थी, लेकिन अब जबकि केंद्र सरकार के कोटे से आवंटित दो ऑक्सीजन प्लांट डीआरडीओ की ओर से लगाए जा रहे हैं तो राज्य सरकार के कोटे से आवंटित दो ऑक्सीजन प्लांट में से एक ऑक्सीजन प्लांट किसी अन्य मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाएगा। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्तर पर कागजी कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी लहर में झेलनी पड़ी किल्लत
कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में ऑक्सीजन की बड़ी किल्लत हो गई थी, जिसके चलते अस्पतालों में भर्ती सैकड़ों मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी। दून के अस्पतालों में भी संकट पैदा हुआ था।
अभी अस्पताल में नहीं एक भी प्लांट
दून अस्पताल में अभी कोई भी ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। ऑक्सीजन गैस को स्टोरेज करने की सुविधा मुहैया है जबकि ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति बाहर से की जाती है। हालांकि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर कवायद लंबे समय से चल रही थी लेकिन योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका था।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ने शुरू की टेलीमेडिसिन सेवा
कोरोना संक्रमण को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से नई पहल शुरू की गई है। अब राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कोरोना संक्रमित और सामान्य मरीज टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए दून मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे। लोग स्काइप एप के जरिए भी विशेषज्ञों से रूबरू हो सकेंगे।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की गई है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति कॉल या व्हाट्सएप कर विशेषज्ञों से जानकारी ले सकता है। इसमें वीडियो कॉल की सुविधा भी दी गई है। कोई भी व्यक्ति स्काइप ऐप के जरिए वीडियो कॉल कर विशेषज्ञों से बीमारी के इलाज की जानकारी ले सकता है। साथ ही www.gdmcuk.com वेबसाइट और टैली जीडीएमसी एप से भी जानकारी हासिल की जा सकती है।
इन नंबरों पर किया किया जा सकता है संपर्क
- 90459 54179
- 90459 54180
- 90459 54181
- 90459 54182
साथ ही gdmc@gmail.com पर स्काइप एप के जरिए विशेषज्ञों से संपर्क किया जा सकता है।
यह है समय
- सुबह 10 से दोपहर 1 बजे
- अपराह्न 3 बजे से शाम पांच बजे