उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे के भीतर सिर्फ दो संक्रमित मिले, छह मरीज हुए स्वस्थ, प्रदेश में अब 84 एक्टिव केस
ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर हावी होने लगा है। दिल्ली एनसीआर में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के कोरोना संक्रमित मिलने से तीर्थनगरी ऋषिकेश के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के दो मरीज मिले हैं। अब प्रदेश में कोविड के 84 एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सामने आए मामलों में एक देहरादून और एक हरिद्वार का है। बाकी किसी भी जिले में कोई नया मामला सामने नहीं आया। उधर, छह मरीज स्वस्थ हुए। प्रदेश में मंगलवार को 8395 लोगों को कोविड वैक्सीन दी गई।
कोरोना फिर होने लगा हावी, स्कूल प्रबंधन बेफिक्र
ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर हावी होने लगा है। दिल्ली एनसीआर में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के कोरोना संक्रमित मिलने से तीर्थनगरी ऋषिकेश के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के हल्के स्वरूप को देख अब स्कूल प्रबंधन भी बेफिक्र हो गए।
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स्कूलों में संक्रमण से बचाव के लिए बेहद जरूरी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों के पालन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। स्कूलों और बच्चों के हाथों के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था भी कुछ निजी स्कूलों में रह गई है। ऐसे में स्कूलों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अभिभावकों को कोरोना संक्रमण और बच्चों के भविष्य दोनों की चिंता सता रही है।
नए वैरिएंट से घबराएं नहीं, एहतियात बरतें
ऋषिकेश में 12 से 15 साल के बच्चों का कोविड टीकाकरण शुरू हो गया है। जबकि 15 से 18 साल के बच्चों को शत प्रतिशत पहली डोज लग गई है। फकोट ब्लॉक के कोविड नोडल अधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कोरोना के नए एक्स ई वैरिएंट से घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि नया वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट का बदला स्वरूप है। कहा कि अपने बच्चे को कोविड टीके की डोज लगाएं। स्कूल में मास्क, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए बच्चे को जागरूक करें। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, उनका अधिक ध्यान रखें।