Coronavirus in uttarakhand: अब होम आईसोलेशन में रह सकेंगे कोरोना मरीज
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों अब होम आईसोलेशन में रह सकेंगे। प्रदेश सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। अभी तक कोरोना संक्रमण पाए जाने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था।
Coronavirus in Uttarakhand : उत्तराखंड में कोरोना मामलों में बना नया रिकार्ड, एक दिन में मिले 501 संक्रमित
प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा नौ हजार पार करने वाला है। वर्तमान में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या तीन हजार से अधिक है। वहीं, 57 सौ से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। प्रदेेश में 17 कोविड अस्पताल और हेल्थ सेंटर है। वहीं जिलों में 363 कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। इनमें 25 हजार से अधिक बेड की क्षमता है। जबकि प्रदेश में तीन हजार कोरोना मरीज भर्ती है।
प्रदेश में इलाज की पर्याप्त व्यवस्थाओं के बावजूद भी संक्रमित मरीजों की ओर से होम आईसोलेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए सरकार ने होम आईसोलेशन की अनुमति दे दी है। इसके लिए संक्रमितों मरीजों को घर में पर्याप्त व्यवस्था होने का पत्र देना होगा। वहीं, सर्विलांस टीम के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है। कोविड केयर सेंटर एक तरह से खाली है। लोगों की मांग को देखते हुए हमने प्रदेेश में होम आईसोलेेशन की मंजूरी दे दी है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में औद्योगिक क्षेत्र होने से संक्रमण की संभावना रहती है। इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी की होगी कोरोना जांच
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की सैंपल जांच की जाएगी। इसके साथ ही पांच प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों में सैंपलिंग बढ़ाने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर है।
प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा तीन हजार है। रिकवरी दर 64 प्रतिशत हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से चार प्रतिशत कम है। रिकवरी दर में टिहरी जिला सबसे आगे है। यहां 89 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि पिथौरागढ़ जिले की रिकवरी दर सबसे कम 47 प्रतिशत है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। प्रदेश में जिन जिलों में संक्रमण दर पांच प्रतिशत से अधिक है। उन जिलों को सैंपलिंग बढ़ाने को कहा गया है।