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उत्तराखंड में कोरोना : चारधाम में कपाट खुलने के बाद मूर्तियों, घंटियों, प्रतिरूपों और ग्रंथों को छूने की अनुमति नहीं

Wed, 05 May 2021 09:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 05 May 2021 09:43 AM IST
सार

कपाट खुलने के समय पूजा सांकेतिक रूप से होगी और इसमें सिर्फ पूजा से जुड़े लोग ही शामिल होंगे।

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Corona in Uttarakhand Latest news : chardham door opening , pujari do not touch statue, bells and granthas
चारों धामों के कपाट खुलने के समय से छेड़छाड़ नहीं - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चारों धामों के कपाट खुलने के समय से छेड़छाड़ नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों को भी देवदर्शन की इजाजत नहीं दी है। कपाट खुलने के समय पूजा सांकेतिक रूप से होगी और इसमें सिर्फ पूजा से जुड़े लोग ही शामिल होंगे। 

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मंगलवार को देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन की ओर से कपाट खुलने के समय होने वाली पूजा आदि के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया जारी कर दी गई। आदेश में साफ कहा गया है कि पूजा में मंदिर से संबंधित हक हकूकधारी, पुजारी, रावल आदि ही शामिल होंगे। अन्य लोगों के लिए चार धाम यात्रा स्थगित रहेगी।
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ये दिशा-निर्देश जारी

-कपाट खुलने के बाद देवस्थान सुबह सात से शाम बजे तक खुले रहेंगे।
-थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन जरूरी होगा।
-बिना लक्षण वालों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
-फेस मास्क पहना जरूरी, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना होगा।
-गर्भ गृह में केवल रावल, पुजारी और संबंधित व्यक्ति ही जाएंगे।
-मूर्तियों, घंटियों, प्रतिरूपों, ग्रंथों आदि को छूने की अनुमति नहीं।
-मंदिरों में न प्रसाद बंटेगा और न ही टीका लगाया जाएगा।
-देवस्थान में एक ही मैट, चादर आदि का उपयोग बार-बार नहीं होगा।

कपाट खुलने की तिथि

यमुनोत्री - 14 मई
गंगोत्री - 15 मई
केदारनाथ - 17 मई
बदरीनाथ - 18 मई

चार धाम के लिए स्थानीय लोगों को सीमित संख्या में नियमों का पालन करते हुए अनुमति दी जानी चाहिए। एसओपी जारी हो गई, लेकिन संबंधित पक्षों से राय तक नहीं ली गई। रावल सहित अन्य पक्षों के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी है तो अन्य लोगों को भी रिपोर्ट के आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
- हरीश डिमरी, महासचिव, चार धाम तीर्थ पुरोहित हकूकधारी महापंचायत

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