{"_id":"60af5cdae258002bd25cd637","slug":"coroanvirus-in-uttarakhand-private-hospital-recover-money-from-golden-card-holders-now-returned-money","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादून : गोल्डन धारक मरीजों से वसूला कोरोना के इलाज का खर्चा, सरकार ने सख्ती मरीजों को वापस लौटाई धनराशि ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देहरादून : गोल्डन धारक मरीजों से वसूला कोरोना के इलाज का खर्चा, सरकार ने सख्ती मरीजों को वापस लौटाई धनराशि
Thu, 27 May 2021 02:19 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 27 May 2021 02:19 PM IST
सार
22 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने 99 मरीजों को वापस की 46.43 लाख की राशि, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण नीलकंठ हास्पिटल हल्द्वानी को जारी किया 3.75 लाख रिकवरी करने का आदेश।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयुष्मान भारत और राज्य आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारक मरीजों का कोरोना का इलाज करने पर सूचीबद्ध निजी अस्पताल नकद राशि वसूल रहे हैं। इस पर सरकार ने सख्ती दिखाई तो अस्पतालों ने मरीजों को इलाज की राशि वापस लौटाई है। 22 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने 99 मरीजों को 46.43 लाख की राशि वापस की है। वहीं, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से नीलकंठ हास्पिटल हल्द्वानी को गोल्डन कार्ड धारक मरीज से 3.75 लाख राशि लेने पर रिकवरी का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
केंद्र व राज्य सरकार की ओर आयुष्मान योजना के कार्ड पर सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की गई। इसके बाद भी अस्पताल मरीजों से इलाज की राशि वसूल रहे हैं। प्रदेश में अब तक 22 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों से पैसे वसूलने के मामले राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास आए हैं। इस पर सरकार की ओर से सख्ती करने पर इन अस्पतालों ने लगभग 46.43 लाख रुपये की राशि 99 मरीजों को वापस लौटाई है।
विज्ञापन
नीलकंठ हास्पिटल हल्द्वानी ने आयुष्मान गोल्डन कार्ड धारक लीलाधर नैलवाल से कोरोना का इलाज करने पर 3.75 लाख रुपये की वसूली है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इस पर कड़ा संज्ञान लेकर अस्पताल से रिकवरी करने का आदेश दिया है। अस्पतालों को सात दिन के भीतर प्राधिकरण के खाते में धनराशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण की ओर से अस्पताल की 2.3 लाख की क्लेम राशि रोकने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ अरुणेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि नीलकंठ अस्पताल ने 275 कोरोना मरीजों का इलाज किया है। अस्पताल में मरीजों के इलाज का विशेष ऑडिट करने के लिए सचिव स्वास्थ्य, स्वास्थ्य महानिदेशक और जिला मजिस्ट्रेट को आदेश की प्रति भेजी गई है।
आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कोरोना का कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इस संबंध में अस्पतालों को गाइडलाइन जारी की गई है। इसके बावजूद भी अस्पताल मरीजों से इलाज के पैसे पर ले रहे हैं। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। अब तक 22 अस्पतालों से 99 मरीजों को 46.43 लाख रुपये वापस लौटाई गई है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण