अब इस रूट से बेहद कम समय में पहुंच पाएंगे कार्बेट पार्क, इस दिन से खुलेंगे रास्ते
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इस रूट के जरिए बेहद कम समय में कार्बेट पार्क पहुंचा जा सकेगा। 27 नवंबर को इस रूट का शुभारंभ मुख्यमंत्री के हाथों होगा।
राज्य सरकार ने कोटद्वार को रामनगर का नया विकल्प बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। 27 नवंबर से पार्क के दो नए गेट रथवाढाब और पाखरो खोले जा रहे हैं। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री करेंगे।
इन गेटों के खुलने से कोटद्वार क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढे़गी और रामनगर से पर्यटकों का दबाव भी कम होगा। इन नए गेटों के प्रचार की ठोस रणनीति बनाई गई है। इसके तहत दिल्ली में सभी दूतावास और विदेशों में भारतीय दूतावासों में कार्बेट पार्क और गेटों के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाली प्रचार सामग्री रखी जाएगी।
इसके अलावा दिल्ली रूट पर गेटों से जुड़ी सूचना देने वाले होर्डिंग भी लगेंगे। यह जानकारी वन मंत्री हरक सिंह रावत ने विधानसभा में आयोजित एक प्रेस वार्ता में दी।
वन मंत्री ने बताया कि इन नए गेटों के जरिये दिल्ली से सैलानी 200 किमी की दूरी तय कर पहुंच सकेंगे। जबकि अभी दिल्ली से रामनगर (कार्बेट पार्क) पहुंचने में 240 किमी का सफर करना पड़ता है।
हरिद्वार और कोटद्वार की दूरी करीब चालीस किमी कम हो
इन गेटों से सुबह और दोपहर वाली पाली में दस-दस जिप्सी को कार्बेट पार्क में जाने की अनुमति प्रदान की गई है। लैंसडाउन वन प्रभाग का कोल्हूचौड़ गेट भी खुलेगा। इसके अलावा चिल्लरखाल-लालढांग मार्ग का भी शिलान्यास भी किया जाएगा।
इस मार्ग के बनने से हरिद्वार और कोटद्वार की दूरी करीब चालीस किमी कम हो जाएगी। इस मार्ग को बनाने के लिए करीब दस करोड़ से ज्यादा का बजट तय किया गया है। इन योजनाओं के अलावा कोटद्वार सर्किट का भी विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
शासन ने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इको टूरिज्म कारपोरेशन को वन निगम के जरिये 10 करोड़ का बजट भी उपलब्ध कराया है।
नया गेट खोलने पर कोई तकनीकी अड़चन न आ जाए, इसके लिए प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और कार्बेट पार्क निदेशक ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ है। वन मंत्री का दावा है कि बिना किसी अड़चन के नए गेट खोलने की अनुमति मिल जाएगी।