अब कॉर्बेट नेशनल पार्क में 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर होगी सफारी की ऑनलाइन बुकिंग
- वन मंत्रालय ने वीआईपी सहित नेशनल, विदेशी आदि का कोटा किया खत्म।
- ऑनलाइन बुकिंग के लिए पहचान पत्र और फोटो को अनिवार्य किया गया।
विस्तार
कॉर्बेट में सफारी और रात्रि विश्राम के लिए पहले आओ, पहले पाओ की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। यहां वीआईपी, नेशनल और विदेशी कोटा खत्म कर दिया गया है। इसी के साथ ऑनलाइन बुकिंग के लिए पहचान पत्र और फोटो अनिवार्य कर दिया गया है।
विधानसभा में मीडिया से मुखातिब वन मंत्री हरक सिंह ने बताया कि फोटो और पहचान पत्र जरूरी होने के कारण अब एक ही समय में कंपनियों और एजेंटों के जरिये बड़ी संख्या में बुकिंग पर रोक लगेगी।
अभी मात्र आधे घंटे के लिए बुकिंग खुलती है और 700 से अधिक बुकिंग हो जाती है। पीसीसीएफ वन्य जीव राजीव भतृरी ने बताया कि उनकी जान पहचाने वाले अमेरिका से कोशिश करने के बाद भी दो साल से बुकिं ग नहीं करा पाए, अब ऐसा नहीं होगा।
पाखरों गेट से प्रवेश को ऑनलाइन बुकिंग की भी व्यवस्था का फैसला
वन मंत्रालय ने अब कोटद्वार के पाखरों गेट से कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए ऑनलाइन प्रवेश की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है। विधानसभा में वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला किया गया।
वन मंत्री हरक सिंह ने बताया कि वन्य जीवन को समीप से देखने हेतु कोटद्वार स्थित हल्दू पड़ाव में विद्यार्थियों, शोधार्थियों के लिए डोरमेट्री का संचालन किया गया है। यह व्यवस्था पहले भी लागू थी, लेकिन बाद में बंद कर दी गई।
वन मंत्री के मुताबिक पाखरों गेट से कार्बेट में प्रवेश की व्यवस्था कुछ समय पहले ही शुरू की गई थी। अब तय किया गया है कि इस गेट को और अधिक प्रचारित किया जाए। इसके लिए कार्बेट की वेबसाइट पर इसको प्रमुखता से दर्शाया गया है।
नेशनल पार्कों में गाइडों को कौशल विकास के माध्यम से उच्च कुशल प्रशिक्षण प्रदान कर पर्यटकों को वन्यजीवों के संबंध में जागरूक भी किया जाएगा। इससे मानव और वन्यजीवों के मध्य संघर्ष को कम किया जा सकेगा।