शाह ने मुझे बुलाया, मेरी पीठ थपथपाई: कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने की अपनी खुशी जाहिर, पढ़िए वजह
जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद इधर जांच शुरू हो गई है तो मुख्य विपक्षी पार्टी ने भी इसे मुद्दा बना दिया है। इस पर विभागीय मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने खुद आगे आकर सफाई दी है, लेकिन फिलहाल वह अमित शाह से अपनी मुलाकात को लेकर बेहद खुश हैं।
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प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले 20 सालों में उत्तराखंड के सहकारी बैंक पहली बार लाभ में आए हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने खुद उन्हें दिल्ली बुलाकर उनकी पीठ थपथपाई है। मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि भर्ती परीक्षा को लेकर कुछ लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि सहकारिता में पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है।
उन्होंने अपने बीते कार्यकाल में पहली बार क्लर्क और उससे ऊपर के पदों पर बैंकिंग की परीक्षा कराने वाली एजेंसी आईबीपीएस से परीक्षाएं कराईं। तमाम अच्छे लोगों का चयन किया गया। यही वजह है कि उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस साल पहली बार बैंक प्रोफिट में आए हैं। उन्होंने कहा कि वह आगे भी सहकारिता के क्षेत्र में तमाम योजनाओं के माध्यम से इसे आम लोगों को भी लाभ पहुंचाने का जरिया बनाएंगे।
जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा: डॉ.धन सिंह
जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद इधर जांच शुरू हो गई है तो मुख्य विपक्षी पार्टी ने भी इसे मुद्दा बना दिया है। इस पर विभागीय मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने खुद आगे आकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वैसे तो भर्ती में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, फिर भी जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न हो।मीडिया से बातचीत करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती के परिणाम जिला सहकारी बैंक देहरादून, यूएसनगर और पिथौरागढ़ ने जारी किए हैं। इनमें से दो जिलों से शिकायत प्राप्त हुई थीं, जिसका उन्होंने और खुद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया था।
16 अप्रैल को दर्ज करा सकते हैं बयान
मामले में जांच बैठाई गई। इतना ही नहीं जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित जिलों के एआर और जीएम को हटा दिया गया है। आरोप है कि भर्ती परीक्षा में 10वीं में प्रथम श्रेणी में पास और दौड़ में अव्वल आने वालों को बाहर कर दिया गया, जबकि सिर्फ इंटरव्यू के नंबरों को आधार बनाकर चयन कर लिया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि परीक्षा में 90 प्रतिशत नंबर अभ्यर्थियों के कैरियर और दस प्रतिशत नंबर साक्षात्कार के रखे गए थे। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि किसी भी दशा में इंटरव्यू में तीन से कम और दस से अधिक नंबर न दिए जाएं। उन्होंने कहा कि भर्ती में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। देहरादून में ओल्ड मसूरी रोड स्थित राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में 16 अप्रैल को जिला सहकारी बैंक भर्ती में गड़बड़ी को लेकर बयान दर्ज किए जाएंगे। भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर आमजन और अभ्यर्थियों के बयान जांच कमेटी के समक्ष दर्ज होंगे।
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