गढ़वाल विवि दीक्षांत समारोह:155 छात्र-छात्राओं को दी गई डिग्री, स्वर्ण पदक पाने में बेटियां रही आगे
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वर्चुअल मोड पर आयोजित एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के आठवें दीक्षांत समारोह में 44 स्वर्ण पदक दिए गए, जिसमें से 33 स्वर्ण पदक केवल बेटियों को मिले। मुख्य कार्यक्रम स्थल चौरास स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में मौजूद कुलसचिव प्रो. एनएस पंवार ने मंच से छात्र-छात्राओं के नाम लिए। जोकि स्क्रीन पर डिसप्ले होते रहे। छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े। स्वर्ण पदक पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने शुभकामनाएं दी।
मंगलवार को गढ़वाल विवि का दीक्षांत समारोह वर्चुअल मोड में आयोजित हुआ। इस दौरान परास्नातक (पीजी) स्तर पर 39 विषयों में 44 गोल्ड मेडल वितरित किए गए। इसके अलावा 72 छात्र-छात्राओं को पीएचडी और 83 छात्र-छात्राओं को पीजी की डिग्री प्रदान की गई। वहीं, गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के 17 छात्र-छात्राएं स्वर्ण पदक ले गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, विशिष्ट अतिथि यूजीसी के चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष कुलाधिपति डा. योगेंद्र नारायण और कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ऑन लाइन जुड़े। जबकि विवि के कुलसचिव प्रो. एनएस पंवार और आयोजन समिति के संयोजक प्रो. आरसी रमोला, डीन और अन्य अधिकारी मुख्य कार्यक्रम स्थल चौरास स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कुलपति प्रो. नौटियाल ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने निर्माण और अन्य जरूरतों की पूर्ति के लिए बजट आवंटित करने की बात रखी। विशिष्ट अतिथि यूजीसी के चेयरमैन प्रो. सिंह ने कहा कि वह विवि के पुरातन छात्र हैं। इसमें प्रतिभाग करना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में देशभर में लगभग एक हजार विवि और 45 हजार महाविद्यालय हैं।
ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखना भी चिंता का विषय है। उन्होंने गढ़वाल विवि से अनुरोध किया कि विवि अन्य संस्थानों से हटकर कुछ अलग करे। कुलाधिपति डा. नारायण ने कहा कि शिक्षा मंत्री नई शिक्षा नीति के जनक हैं, जिन्होंने पूरे देश में पाठ्यक्रमों में सुधार करवाया है। यह शिक्षा नीति प्री प्राइमरी से लेकर विवि तक शिक्षा क्षेत्र में नए विचार लेकर आई है। इस दौरान 15 दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया।
विकास को मिले पांच गोल्ड मेडल
बिड़ला परिसर के एमए संस्कृत के छात्र विकास पंत को पांच स्वर्ण पदक मिले। इनमें गढ़वाल विवि, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, सावित्री देवी, राम प्रपन्नाचार्य संस्कृत ट्रस्ट और डा. डीएन शास्त्री स्मृति स्वर्ण पदक शामिल हैं।
इन्हें मिले गोल्ड मेडल
राधिका सूद, जीवनधाम ए, प्रतिभा रावत, संपतिराव स्वेता, अफरीन, अंकिता भट्ट, प्राची सैनी, मोनिका बिष्ट, संजय सिंह, अतुल जोशी, गार्गी सिंह, पलक बाटला, श्वेता, हारुन हाफीज, महक जॉन, आदर्श पंत, विनय कुमार, अर्चना, शिवानी मिंगवाल, सोनम, प्राची सिंह, चित्रा जोशी, सचिन पुरोहित, सौम्या लखेड़ा, सीमा, दिनेश भट्ट, विकास पंत, शोभा सिंह, सूरज घिल्डियाल, रेहमानी, लक्ष्मी त्रिपाठी, अभिलाषा चंदोला, निवेदिता, राजेंद्र सिंह, कुमार विवेक, मधुलिका सिंह, अर्पिता भवानी, कोमल रंजन, कामिनी शर्मा, शालिनी चिब, तनीशा शर्मा, साक्षी मित्तल, प्रज्ञा शर्मा व आकांक्षा नेगी।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
श्रीनगर। भले ही दीक्षांत समारोह ऑनलाइन संपन्न हुआ हो, लेकिन चौरास प्रेक्षागृह में भारी संख्या में टिहरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आया पुलिस बल मौजूद रहा। विवि के मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा सुरक्षा कर्मियों के साथ मौजूद थे।