Congress: उत्तराखंड में पार्टी को ले डूबा था मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद, कर्नाटक में बजरंगबली ने लगाई नैया पार
मुख्यमंत्री के दावेदार रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार बनने के बाद प्रदेश में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का वादा किया है। भाजपा ने प्रचार के दौरान अपने मंचों, मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इसे खूब प्रचारित किया, जबकि हकीकत में हरीश रावत ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं था।
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कर्नाटक में कांग्रेस को मिली जीत ने उत्तराखंड में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उत्साह से भर दिया है। उत्तराखंड के लिए इस जीत के अलग मायने हैं। यहां विस चुनाव में मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे ने कांग्रेस के पूरे चुनाव प्रचार की दिशा मोड़ दी थी, लेकिन कर्नाटक में बजरंग दल व बजरंगबली मुद्दे ने कांग्रेस की नैया पार कर दी।
इससे पहले पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली थी, जो पार्टी के लिए एक संजीवनी की तरह था। लेकिन, कर्नाटक की जीत ने उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं के दिल में छुपी अपनी हार के घाव पर मरहम लगाने जैसा काम किया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बयानों भी यह दर्द झलका है।
हरीश रावत ने नहीं दिया था ऐसा कोई बयान
उत्तराखंड विस चुनाव में एक बयान के बाद प्रचार की दिशा ही बदल गई थी। कहा गया कि मुख्यमंत्री के दावेदार रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार बनने के बाद प्रदेश में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का वादा किया है। भाजपा ने प्रचार के दौरान अपने मंचों, मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इसे खूब प्रचारित किया, जबकि हकीकत में हरीश रावत ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं था।
वह जब तक इस बात को लोगाें को समझाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी, चुनाव कांग्रेस के हाथ से निकल गया और भाजपा पुन: सत्ता में काबिज हो गई। कर्नाटक चुनाव में भाजपा ने बजरंग दल से बजरंगबली को जोड़ते हुए चुनाव प्रचार में खूब जोर लगाया, लेकिन वहां वह कांग्रेस को अपने जाल में फंसाने में कामयाब नहीं हुई।
नफरत की दुकान बंद, मोहब्बत की दुकान खुल गई : हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में नफरत की दुकान बंद हुई और मोहब्बत की दुकान खुल गई है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा ने जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया, लेकिन वह भाजपा के झांसे में नहीं आई। जनता ने लोकतंत्र की मजबूती के पक्ष मेें मतदान किया है।
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वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक में नफरत फैलाने का भरपूर प्रयास किया, इस दौरान सत्ता का भी खूब दुरुपयोग किया गया। जनता ने सांप्रदायिक राजनीति को नकार दिया है। कर्नाटक की जनता ने उत्तराखंड में भाजपा के कुप्रचार का भी बदला लिया है।