{"_id":"6256957fd6fc947ec3539e36","slug":"congress-mla-from-dharchula-harish-dhami-said-party-always-neglected-me","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने दिखाए तेवर: पार्टी को कह सकते हैं अलविदा, पढ़िए सीएम धामी के लिए खुलेगी एक और राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने दिखाए तेवर: पार्टी को कह सकते हैं अलविदा, पढ़िए सीएम धामी के लिए खुलेगी एक और राह
Wed, 13 Apr 2022 03:05 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 13 Apr 2022 03:05 PM IST
सार
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायक दल के उपनेता की मेरिट के आधार पर नियुक्ति के बयान पर धामी ने कहा कि मेरिट के आधार पर यदि इन पदों पर नियुक्ति करनी थी तो वह सबसे उपयुक्त थे।
विज्ञापन
कांग्रेस विधायक हरीश धामी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धारचूला सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले कांग्रेस के विधायक हरीश धामी ने एक बार फिर संगठन के प्रति तेवर दिखाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के बाद उनका असंतोष फिर झलका है। धामी का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा उनकी उपेक्षा की है।
कांग्रेस विधायक हरीश धामी पर पार्टी हाईकमान के फैसले से नाराज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही उनके साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायक दल के उपनेता की मेरिट के आधार पर नियुक्ति के बयान पर धामी ने कहा कि मेरिट के आधार पर यदि इन पदों पर नियुक्ति करनी थी तो वह सबसे उपयुक्त थे। उन्होंने कहा कि विधायक मयूख महर और मनोज तिवारी अधिक उपयुक्त होते, लेकिन मेरिट की बात करने वालों ने सभी वरिष्ठों को जूनियर विधायकों से नीचे रख दिया।
विज्ञापन
कांग्रेस विधायक हरीश धामी पर पार्टी हाईकमान के फैसले से नाराज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही उनके साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायक दल के उपनेता की मेरिट के आधार पर नियुक्ति के बयान पर धामी ने कहा कि मेरिट के आधार पर यदि इन पदों पर नियुक्ति करनी थी तो वह सबसे उपयुक्त थे। उन्होंने कहा कि विधायक मयूख महर और मनोज तिवारी अधिक उपयुक्त होते, लेकिन मेरिट की बात करने वालों ने सभी वरिष्ठों को जूनियर विधायकों से नीचे रख दिया।
विज्ञापन
धामी ने कहा-पहली बार नहीं हुई उपेक्षा
धामी ने यह भी कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है कि उनके साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया गया हो। 2017 के संगठन के चुनावों में उनकी उपेक्षा की जा चुकी है जबकि वह उस समय लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। 2014 में मुख्यमंत्री को चुनाव जिताया था। लोक सभा चुनावों में भी सबसे अधिक मतदान उन्हीं की विधानसभा सीट पर हुआ था। आज तीन बार चुनाव जीतने वाले को दरकिनार कर मेरिट की बात कही जा रही है। वह सैनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से हैं। उनके पिता ने 1971 की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने सवाल किया कि एक सैनिक का बेटा होने के बावजूद उनके साथ हर बार इस तरह का व्यवहार क्यों किया जाता है।ये भी पढ़ें...कांग्रेस में सुलगती असंतोष की चिंगारी: सोशल मीडिया पर वायरल दस विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबर, आज बैठक की चर्चा