कांग्रेसी दिग्गजों का हाल, अपनों पर सितम तो गैरों पर करम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस की सियासत में चल रही टांग खिंचाई का नमूना विधानसभा सत्र के दौरान सदन में दिखाई दिया। बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने अपनों पर सितम ढाए और गैरों पर खूब करम किया। नेता प्रतिपक्ष जब भाषण देने उठीं, तो माना जा रहा था कि बजट को लेकर वह राज्य सरकार पर चुन-चुनकर हमला करेंगी।
लेकिन, उनका रुख सरकार के प्रति अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया। बजट में कमियां खोजने की जगह, उन्होंने सुझावों के जरिये अपनी बात कही। दूसरी तरफ, कांग्रेस की सियासत में प्रतिस्पर्धी पूर्व सीएम हरीश रावत पर निशाना साधने से वह जरा नहीं चूकीं। उन्होंने कहा-बेरोजगारों को जॉब कार्ड बांटने का ऐलान चुनावी प्रलोभन था। इसे अनुमति न मिलना ठीक रहा।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चारों खाने चित्त रहने के बाद पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी है। नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद डॉ. इंदिरा हृदयेश को आगे बढ़ने का मौका मिला है, वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने की कोशिश में जुटे हैं। कांग्रेस की अंदरूनी सियासत बजट सत्र के दौरान सतह पर आ रही है।
अटल की भी खुले मन से की तारीफ
मुद्दों को उठाकर दबाव बनाने के मामले में भी कांग्रेस बिखरी नजर आ रही है। ये ही कारण रहा कि एक दिन पहले सदन में एनएच-74 का मसला उठा, तो सदन के बाहर सड़क पर गैरसैंण का। बजट सत्र पर सामान्य चर्चा के दौरान डॉ. इंदिरा हृदयेश ने जब हरीश रावत और जॉब कार्ड से जुडे़ मामले पर अपना नजरिया सामने रखा, तो यह सबके लिए अप्रत्याशित ही था।
इन स्थितियों के बीच, पर्यटन, ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण, बाल एवं युवा विकास, औद्योगिक विकास जैसे तमाम मुद्दों को छूते हुए नेता प्रतिपक्ष ने अपने कई सुझाव सामने रखे। उनके भाषण में सरकार की आलोचना अपेक्षाकृत काफी कम थीं। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने स्टैंड को साफ करने की कोशिश भी की। उन्होंने कहा कि वह सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही हैं। जहां जरूरी होगा, वहां पर विरोध भी किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने औद्योगिक विकास पर चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भी खुले मन से तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद एनडी तिवारी ने राज्य में औद्योगिक विकास की नींव रखी।
कई तरह की रियायतें देकर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने औद्योगिक विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि लोग यहां निवेश करना चाहते हैं, लेकिन उनके लिए बेहतर स्थिति बननी चाहिए।