गैरसैंण पर हरीश रावत का सरकार पर तंज, पूछा- ‘भाई त्रिवेंद्र सिंह कख च हमारी ग्रीष्म कालीन राजधानी’
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कांग्रेस महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कहा कि कांग्रेस 2022 के विस चुनावों के लिए एकजुट है। उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति और महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया करने के साथ ही बाबा मोहन उत्तराखंडी को याद किया। पूर्व सीएम ने व्यंग करते हुए कहा कि भाई त्रिवेंद्र सिंह कख च हमारी ग्रीष्म कालीन राजधानी।
पूर्व सीएम ने कहा कि ग्रीष्म कालीन राजधानी की अधिसूचना जारी होने के बाद से आज तक एक बोर्ड तक भी कहीं नहीं लग पाया है। गैरसैंण में कोई बदलाव नहीं आ पाया है। पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, उपाध्यक्ष डॉ. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, पूर्व विधायक मदन बिष्ट, ललित फर्स्वाण, विधायक मनोज रावत, गणेश गोदियाल, मनोज तिवाड़ी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत, प्रदेश महांमंत्री हरिकृष्ण भट्ट, पूर्व राज्य मंत्री सुरेश बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट ने कहा कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर केवल बरगलाने का कार्य किया है।
इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुशील रावत, अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष पीतांबर दत, दीपक किरौला, ईश्वर बिष्ट, केएस बिष्ट, पूरन नेगी, कृष्णा नेगी, धनीराम, देवी जोशी, इंद्र राणा, हरीश ऐठानी, लक्ष्मण आर्या, देवेंद्र परिहार, सुरेश खेतवाल, राजेंद्र टंगड़ीया, रानीखेत, ताड़ीखेत, भिकियासैंण, मोहन टम्टा आदि मौजूद थे। संचालन धनीराम व सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने किया।
चावल घोटाले में शामिल नामों को सार्वजनिक करें हरीश : भाजपा
गैरसैंण का रुख कर राजधानी की सियासत गरमाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भाजपा ने भी रविवार को निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि हरीश रावत 600 करोड़ के चावल घोटाले समेत कांग्रेस राज के सभी घोटालों में जो लोग शामिल थे, उनके नाम सार्वजनिक कर पश्चाताप करें। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री पर मीडिया में बने रहने के लिए गैरसैंण पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.देवेंद्र भसीन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आजकल बार बार अपनी सरकार के समय के कामों को लेकर पश्चाताप की बात कर रहे हैं। यदि वे सही मायने में पश्चाताप करना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे उनके सत्ता में रहते हुए कांग्रेस सरकार में जो घोटाले हुए, उनका सारा खुलासा जनता के सामने कर दें। उनमें जो लोग शामिल थे, उनके नामों को भी सार्वजनिक कर जनता से माफी मांगें।
ऐसा करने से यह साफ होगा कि हरीश रावत सही मायने में पश्चाताप करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी 600 करोड़ के चावल घोटाले का मामला फिर चर्चाओं में है। रावत से उम्मीद की जाती है कि गरीब के राशन के साथ घोटाला करने वाले वे कौन लोग थे? क्या कोई मंत्री भी शामिल था? और कौन कौन अधिकारी उसमें भागीदार थे। इसे वह जनता को बताएं।
उन्होंने कहा कि यदि रावत यह कहते हैं कि सरकार जांच करे तो वह काम तो हो ही रहा है। लेकिन पश्चाताप तो अपनी गलती मानने से होता है। गैरसैंण यात्रा पर उन्होंने कहा कि जब वे खुद सत्ता में थे तो कुछ नहीं किया। भवन गेस्ट हाउस बना दिया गया। प्रदेश में तीन तीन स्थानों पर राजधानी की चर्चा छेड़ कर रखी गई। अब जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर चुनाव में भाजपा का किया गया वायदा पूरा कर दिया तो वह गैरसैंण पर राजनीति कर मीडिया में जगह प्राप्त करना चाहते हैं। लेकिन जनता सब समझती है।