कांग्रेस की जन चेतना रैली छोड़ गई पार्टी दिग्गजों के बीच रार
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कांग्रेस की जन चेतना रैली पार्टी दिग्गजों के बीच रार छोड़ गई। रैली को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह कहकर निशाना साधा कि उन्हें बुलाया जाता तो वह जरूर जाते।
इसके जवाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कौन अध्यक्ष चाहेगा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में हरीश रावत न आएं। उनका कहना है कि हरीश रावत को बुलाया तो गया था, लेकिन यह संदेश शायद उन तक नहीं पहुंचाया गया।
देहरादून में कांग्रेस की जन चेतना रैली और हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के धरना कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के शामिल न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ये दोनों कार्यक्रम तो संपन्न हो गए हैं, लेकिन इन्हें लेकर पार्टी में रार छिड़ गई है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री देहरादून पहुंचे तो इस दौरान मीडिया कर्मियों ने उनसे कांग्रेस के कार्यक्रमों में शामिल न होने को लेकर फिर से सवाल किए। हमेशा की तरह हरीश रावत इन सवालों से कन्नी काटते रहे।
लेकिन सोशल मीडिया पर उनके संदेश ने स्थिति साफ की कि वह रैली में क्यों शामिल नहीं हुए? अपनी फेसबुक वाल पर उन्होंने रैली के संबंध में संदेश लिखा, ‘यदि मेरी भी कुछ भूमिका रखी गई होती तो मैं अवश्य भाग लेना चाहता। अध्यक्ष जी से मेरा आग्रह है कि कभी ऐसे कार्यक्रम हों तो मुझे जरूर बता दें।’ उन्होंने आगे लिखा कि देहरादून व हल्द्वानी के विषय में पार्टी अध्यक्ष और सीएलपी नेता से मेरी बात नहीं हो पाई। यों सब कार्यक्रमों में सबको बुलाना आवश्यक भी नहीं है, मगर हम सब कांग्रेसजन एकजुट हैं।’ मोटरसाइकिल रैली को उन्होंने शानदार, अभूतपूर्व और विशालतम बताते हुए प्रदेश कांग्रेस संगठन को बधाई भी दी।
हरीश रावत को बुलाया तो गया था: प्रीतम
रावत के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी खुलकर अपनी बात रखी। पूछे जाने पर उन्होंने अमर उजाला से कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में बुलाया गया था।
पीसीसी कार्यालय से उन्होंने यह आदेश जारी किए कि सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, पीसीसी सदस्यों को सूचना मिल जानी चाहिए। हरीश रावत के निजी सचिव चंदन सिंह जीना को 25 जनवरी की शाम छह बजकर 15 मिनट पर उनके मोबाइल नंबर 9410717189 पर फोन कर रैली की सूचना दी गई। 28 जनवरी को उनके फोन पर व्हाट्स एप संदेश के जरिये भी सूचना भेजी गई।
रावत जी के पास कोई ऐसा नंबर नहीं है, जिस पर उनसे सीधे बात हो सके। 25 जनवरी और 27 जनवरी को उनके साथ रहने वाले पूरन सिंह रावत के मोबाइल नंबर 7895761296 पर भी संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन फोन नॉट रिचेबल मिला। मैं क्यों चाहूंगा कि हरीश रावत कार्यक्रम में न आएं। कोई अध्यक्ष ऐसा नहीं चाहेगा।