निकाय चुनाव को लेकर हमलावर हुई कांग्रेस, कहा हार के डर से चुनाव से भाग रही सरकार
निकाय चुनाव में हो रही देरी के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से राज्य सरकार को दोषी ठहराने के बाद कांग्रेस हमलावर मुद्रा में आ गई है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने राज्य सरकार और भाजपा पर निकाय चुनाव से भागने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हार की आशंका से घबराई सरकार किसी भी तरह चुनाव को आगे खिसकाना चाहती है।
निकाय चुनाव को लेकर पिछले कुछ समय से राज्य की सियासत गरमाई हुई है। बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्द्धन ने चुनावों में हो रही देरी के लिए सरकार को कठघरे में खड़ा किया तो कांग्रेस को मुद्दा मिल गया। कांग्रेस ने हमलावर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार पर हमला बोल दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना समेत अन्य नेताओं ने इस मामले में राज्य सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावों में हार की आशंका से डरी हुई भाजपा किसी भी तरह तिथि आगे खिसकाना चाहती है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बावजूद सरकार जन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है। अन्य लोगों के साथ भाजपा के कार्यकर्ता भी सरकार के कार्यों से खुश नहीं हैं। इसीलिए सरकार जल्द चुनाव करवाकर जनता के बीच नहीं जाना चाहती।
राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह निर्वाचन की सभी व्यवस्थाएं समय से उपलब्ध कराए। सरकार आर्थिक कारणों से चुनाव नहीं करवा रही है, तो राज्य में विकास एवं अन्य कार्य कैसे होंगे। यदि आयोग को सार्वजनिक रूप से ऐसा कहना पड़ रहा है तो यह बेहद दुखद स्थिति है।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
सरकार ने पहले परिसीमन और फिर आरक्षण के नाम पर चुनाव लटकाने का प्रयास किया है। अब चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव के लिए धन नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। दरअसल, सरकार जानती है कि अभी चुनाव हुए तो राज्य की जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी। यह संकट खड़ा करने के लिए सरकार की निंदा के लिए शब्द ढूंढने भी कठिन हो रहे हैं।
-हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री