विधायक हरीश धामी बोले, ये हवाई सेवा है या मौत का सफर, आसामान में ही खुल गया दरवाजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘प्रदेश सरकार जल-थल और वायु सेवा से जोड़ने का दावा कर रही है, लेकिन यात्रियों के लिए ये हेली सेवा नहीं मौत का सफर साबित हुआ। पंतनगर से पिथौरागढ़ के लिए उड़े विमान का दरवाजा बीच हवा में खुल गया और यात्रियों की जान सांसत में आ गई।
सरकार ने ऐसी कंपनी को उड़ान का जिम्मा दे दिया, जिसके पास विमान तक नहीं है।’ यह कहना था विधायक हरीश धामी का, जिन्होंने बुधवार को विधानसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव के दौरान यह मामला उठाया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने उनका समर्थन किया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि उड़ान सेवा में प्रदेश सरकार की भूमिका हवाई जहाज के उड़ने और उतरने की सुविधा प्रदान करने तक सीमित है। कंपनी का चयन केंद्र सरकार के स्तर पर हुआ है।
विधानसभा में नियम-58 के तहत मामला उठाते हुए धामी ने कहा कि नौ फरवरी को 11 बजकर 33 मिनट पर पंतनगर से एक विमान ने उड़ान भरी और 2000 फीट की ऊंचाई पर उसका दरवाजा खुल गया। उनका आरोप था कि सरकार ने उड़ान सेवा के नाम पर पंतनगर से पिथौरागढ़ के लिए जो सेवा शुरू की है, वह यात्रियों के साथ एक भद्दा मजाक है।
उन्होंने कंपनी को काली सूची में डालने की मांग की, साथ ही कंपनी का पक्ष लेने पर पंतनगर एयरपोर्ट के निदेशक पर मुकदमा करने को भी कहा। इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि संपर्क योजना उड़ान-दो के तहत कंपनी का चयन केंद्र सरकार के स्तर पर हुआ है।
राज्य सरकार की भूमिका आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित है। उन्होंने कहा कि फ्लाइट अफसर ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जो दैनिक रिपोर्ट दी गई है, उसके अनुसार जहाज जब उतर रहा था तब उसका दरवाजा खुला, डीजीसीए प्रकरण की जांच कर रहा है, इसलिए आक्षेप लगाना उचित नहीं है।