अब केवल इन्हें मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस, दलालों की नहीं चलेगी मनमानी
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परिवहन विभाग ने शनिवार से सिम्यूलेटर टेस्ट शुरू कर दिया। आवेदक को अब कंप्यूटर स्क्रीन पर वाहन चलाकर दिखाना होगा। फिलहाल स्थायी लाइसेंस के लिए ही सिम्यूलेटर टेस्ट अनिवार्य किया गया है। जल्द ही लर्निंग लाइसेंस के लिए भी इसे लागू कर दिया जाएगा।
परिवहन विभाग वाहन स्वामियों को दो चरणों में ड्राइविंग लाइसेंस देता है। पहले लर्निंग और बाद में स्थायी लाइसेंस। अब तक टेस्ट ड्राइविंग मैन्युअल तरीके से होती रही है। यातायात नियमों की बुनियादी जानकारी देने और सांकेतिक चिह्नों को पहचानने के बाद वाहन चलाकर दिखाने पर आवेदक को पहले लर्निंग और कुछ महीने बाद स्थायी लाइसेंस दे दिया जाता है।
अब आवेदक को कंप्यूटराइज्ड टेस्ट देना होगा। शनिवार से परिवहन विभाग रोशनाबाद में सिम्यूलेटर टेस्ट लागू कर दिया गया। इसके लिए आवेदक को कंप्यूटराइज्ड कार में बैठाया जाता है। इसमें ड्राइवर के सामने शीशे की जगह कंपयूटर स्क्रीन लगी होती है। स्क्रीन में वीडियो गेम की तरह यातायात के बीच वाहन चलाना होता है। खास बात यह है कि सिम्यूलेटर टेस्ट पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक से चूक हुई तो रिजेक्ट होने में देर नहीं लगेगी। इसके बाद फिर से आवेदन की पूरी प्रक्रिया अपनानी होगी।
मैन्युअल टेस्ट ड्राइविंग में कई बार कम प्रशिक्षित आवेदक भी लाइसेंस हासिल करने में कामयाब हो जाते थे। दफ्तर के आसपास सक्रिय दलाल तो टेस्ट ड्राइविंग के बिना ही डीएल बनवाने का पूरा ठेका ले लेते थे। अब तक प्रति 10 आवेदकों में अमूमन आठ या नौ आवेदकों को डीएल मिल जाता था। अब इस पर लगाम लगेगी। इस प्रक्रिया से पूरी तरह प्रशिक्षित आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवा पाएगा।