फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Crime: Computer and server stolen from Seal Complex in crypto fraud of 100 crore Rupees

Dehradun Crime: 100 करोड़ के क्रिप्टो फ्रॉड में सील कॉम्प्लेक्स से कंप्यूटर और सर्वर चोरी, केस दर्ज

Sun, 08 Oct 2023 03:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 08 Oct 2023 03:43 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने इस संबंध में क्लेमेंटटाउन थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है।

विज्ञापन
Dehradun Crime: Computer and server stolen from Seal Complex in crypto fraud of 100 crore Rupees
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में सील कॉम्प्लेक्स से क्रिप्टो करेंसी इथेरियम के माइनिंग उपकरण (कंप्यूटर और सर्वर) चोरी हो गए हैं। यह कॉम्प्लेक्स 2018 में दिल्ली पुलिस ने सील कराया था। अब दिल्ली पुलिस न्यायालय के आदेश पर जांच के लिए पहुंची तो यहां सील तो लगी थी, मगर शटर तोड़कर सामान चोरी हो चुका था। उस वक्त इस कॉम्प्लेक्स में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी को अंजाम दिया गया था। इसका मुकदमा भी क्लेमेंटटाउन थाने में दर्ज है।

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने इस संबंध में क्लेमेंटटाउन थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि दिल्ली पुलिस को शिकायत मिली थी दिल्ली विवि के ग्रेजुएट कमल सिंह और इंजीनियर विजय कुमार फर्जी तरीके से क्रिप्टो करेंसी इथेरियम की माइनिंग कर रहे हैं। इसके बाद इन्हें बिट्स टू बीटीसी डॉट कॉम नाम की वेबसाइट से बेचा भी जा रहा है। इस तरह इन्होंने लोगों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर डाली है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने 23 अप्रैल 2018 को 4000 वर्ग मीटर के इस कॉम्प्लेक्स में छापा मारा था।
विज्ञापन


बेरहम मां: दूसरी शादी के बाद अपने ही बच्चों को सड़क पर छोड़ आई महिला, मासूमों को भीख मांगने पर कर दिया मजबूर
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां से इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि, इथेरियर माइनिंग के लिए कंप्यूटर आदि सील कर दिए गए थे। इनमें 100 रिग्स, आठ सर्वर और ग्राफिक कार्ड आदि शामिल थे। उस वक्त दिल्ली पुलिस इन्हें यहां से लेकर नहीं जा सकी थी। कॉम्प्लेक्स के शटर पर ताला लगाकर सील कर दिया था। अब पटियाला हाउस कोर्ट ने घटनास्थल की जांच करने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के क्रम में फोरेंसिक टीम के साथ इंस्पेक्टर सतीश कुमार पहुंचे थे। यहां आकर देखा तो तालों पर सील लगी थी, शटर ऊपर की ओर से टूटे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो यहां से रिग्स, ग्राफिक कार्ड और सर्वर गायब थे। केवल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और कुछ तार वहां पर पड़े थे। एसओ क्लेमेंटटाउन शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि इंस्पेक्टर सतीश कुमार की शिकायत पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

क्या होता है इथेरियम
इथेरियम को ईथर भी कहा जाता है। इसे साल 2013 में बिटकॉइन प्रोग्रामर विटालिक बुटेरिन ने तैयार किया था। यह बिटकॉइन के बाद सबसे महंगी आभासी मुद्रा है। इसका वर्ष 2018 में मूल्य 500 डॉलर और बाजार करीब 4600 करोड़ डॉलर का था। यह इथेरियम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। भारतीय रुपयों में इसकी वर्तमान कीमत की बात करें तो यह आभासी मुद्रा के एक क्वाइन की कीमत 1.48 लाख रुपये है। हालांकि, बिटकॉइन अब भी 28 हजार डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed