आरोपों से हिली सरकार, मुआवजा गड़बड़ी की होगी जांच
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उत्तराखंड में पिछले साल जून में आई जलप्रलय के आपदा के पीड़ितों को मुआवजा देने में सामने आ रही गड़बड़ी के मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि चाहे गलती मुआवजा देने वालों की हो या फिर लेने वाले की हो, सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
मुआवजा वितरण को लेकर गड़बड़ी के कुछ मामले सामने आने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर मुआवजा वितरण में अनियमितता करने के आरोप लगा रहा था। जिसके चलते मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए।
विपक्ष का कहना है कि केदार घाटी सहित अन्य कई क्षेत्रों में मुआवजा वितरण में खेल हुआ है। कई लोगों को नुकसान से अधिक मुआवजा दिया गया है कि जबकि जिनका नुकसान अधिक है उनका गलत आकलन कर कम राशि दी गई।
व्यापारी की आत्महत्या के बाद उठे थे तीखे सवाल
रुद्रप्रयाग जिले में एक आपदा पीड़ित व्यापारी के आत्महत्या के बाद मुआवजा वितरण पर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा ने इस मामले में सरकार को घेरते हुए एक सूची तक जारी की थी, जिसमें कई लोगों को नुकसान से अधिक भुगतान दिखाया गया है।
इस प्रकरण में कुछ विधायकों पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। सीएम हरीश रावत ने मामले को तूल पकड़ते देख पूरे प्रकरण पर जांच बैठा दी है। सीएम ने शनिवार को एक समारोह में कहा कि मुआवजा वितरण में अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा जिन लोगों को नुकसान से अधिक मुआवजा राशि दे दी गई है उसकी वसूली करने के साथ धनराशि जारी करने वाले और आकलन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात भी सीएम ने कही है।