OMG! बंदर-कुत्तों ने काटा तो मिलेंगे दो लाख
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हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में कुत्तों और बंदरों के काटने एवं आवारा जानवरों की ओर से लोगों को नुकसान पहुंचाने पर नगर पालिका और सरकार को पीड़ित व्यक्ति को एक-एक लाख रुपए का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने आवारा गाय और बैल के किसी को साधारण जख्मी करने पर भी पचास हजार और गंभीर क्षति पहुंचाने पर एक लाख का मुआवजा देने को कहा है।
न्यायालय ने इस संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन न करने पर डीएम, नगरपालिका ईओ एवं सचिव झील विकास प्राधिकरण को अगली तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने रूकुट कंपाउंड, अयारपाटा तथा शेर डांडा में बगैर प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए भवनों को सील करने और मालरोड में बडे़ वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के भी आदेश किए हैं।
बड़े वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक
न्यायामूर्ति आलोक सिंह एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने नैनीताल मालरोड में बडे़ वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने आदेश देते हुए कहा कि पुलिस, सेना, दुग्ध वाहन तथा एंबुलेंस को इसमें छूट रहेगी।
न्यायालय ने नैनीताल के निवासियों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था करने को भी कहा है। कोर्ट ने प्रत्येक पॉलीथिन पर 500 रुपए का जुर्माना लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगरपालिका की ओर से अपने कर्मचारियों को दिए गए आवासों का आवंटन उनके सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद निरस्त करने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा कि जिन आवंटियों की लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है उनकी लीज समाप्त कर भूमि को उपयोग में लाया जाए।