Dehardun News: कौन करेगा नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी?...कमेटी करेगी जांच फिर तय की जाएगी जिम्मेदारी
शहर में करीब 22 नशा मुक्ति केंद्र हैं। इन केंद्रों की जानकारी किसी भी विभाग के पास स्पष्ट नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी एक विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। कमेटी में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
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जिले में कई नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां कई लोगों का इलाज भी हो रहा है लेकिन इन केंद्रों की निगरानी कौन कर रहा है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यही कारण है कि कई केंद्र मनमानी पर उतर आए हैं। हालांकि, अब इस समस्या से निपटने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जज की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो इन केंद्रों की जांच करेगी।
कमेटी जांच रिपोर्ट को सरकार को सौंपेगी। जिसके आधार पर किसी एक विभाग को इन नशा मुक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस कमेटी में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी की जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कितने क्षेत्रफल में केंद्र खोला जा सकता है। एक कमरे में कितने मरीजों को रखा जा सकता है। मरीजों पर कितने डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और काउंसलर होंगे।
दून में हैं 22 केंद्र, कोई घटना हो जाए तो विभाग झाड़ लेते हैं पल्ला
शहर में करीब 22 नशा मुक्ति केंद्र हैं। इन केंद्रों की जानकारी किसी भी विभाग के पास स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग कहता है कि यह केंद्र हमारी निगरानी में नहीं चलते। जबकि ऐसा ही जवाब समाज कल्याण विभाग का भी रहता है। अगर किसी केंद्र में कोई घटना घट जाती है तो सभी विभाग मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं। पिछले दिनों चंद्रबनी स्थित नशा मुक्ति केंद्र में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भी नशा मुक्ति केंद्र के बारे में कोई विभाग कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।
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नशा मुक्ति केंद्र किस विभाग की देखरेख में हैं यह स्पष्ट नहीं है। प्रदेश में सबसे अधिक 22 नशा मुक्ति केंद्र देहरादून में हैं। अब इनकी निगरानी के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। -डॉ. संजय जैन, सीएमओ देहरादून