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Dehradun News: लोक विरासत का रंगारंग आगाज, लोकगीतों पर झूमे लोग
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Iहरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी स्कूल में आयोजित हुआ लोक विरासत
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Iवाद्य यंत्रों की प्रस्तुति ने किया मंत्रमुग्ध, वेशभूषा की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्रI
Iदून में शनिवार को दो दिवसीय उत्तराखंड लोक विरासत का रंगारंग आगाज हुआ। पहले दिन पहाड़ के पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य और वाद्य यंत्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम की संध्या में गढ़वाल और कुमाऊ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी। महोत्सव में लोगों ने स्टॉल पर पहाड़ी व्यंजनों का खूब स्वाद चखा।I
Iहरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी स्कूल में उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट व चारधाम अस्पताल की ओर से आयोजित लोक विरासत का शुभारंभ लोक गायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा नेता अशोक वर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने किया। शाम की संध्या की शुरुआत युवा गायक रोहित चौहान के गीतों से हुई। उन्होंने गढ़वाली गीत छोरी चंद्रा की प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने जागर की सुंदर प्रस्तुति दी। इससे पहले लारा लत्ता-र्गेणा पत्ता परंपरागत वेशभूषा और वस्त्र आभूषणों का प्रदर्शन हुआ। इसके साथ ही कलाकारों ने टकनौर घाटी की वेशभूषा और वस्त्र आभूषणों का प्रदर्शन कर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। चमोली, भोटिया जनजाति, कुमाऊनी वेशभूषा एवं वस्त्र आभूषणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। चारधाम अस्पताल के निदेशक व आयोजक डॉ. केपी जोशी ने बताया कि चौथे इस लोक विरासत महोत्सव का आयोजन लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। रविवार को दूसरे दिन लोक गायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी प्रस्तुति देंगे।
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Iपांडव नृत्य और हुड़का थाली वादन की दी प्रस्तुति
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Iलोक विरासत महोत्सव में हरीश भारती ने गौरागणपति मुखौटा नृत्य, पांडव नृत्य, डौर, बुड़देवा, हुड़का थाली वादन की प्रस्तुति दी। नानक चंद जौनसारी की ओर से महासू की संगत (महासू देवता के वाद्ययंत्र) पर प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही प्रेम हिंदवाल ग्रुप ने गढ़वाल की भोटिया जनजाति के पौणा, बगड़वाल, मुखौटा नृत्य पेश किया। कमला देवी ने राजुला मालूशाही, भगनौल, न्योली, छपेली की सुंदर प्रस्तुति दी।I
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Iवाद्य यंत्रों की प्रस्तुति ने किया मंत्रमुग्ध, वेशभूषा की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्रI
Iदून में शनिवार को दो दिवसीय उत्तराखंड लोक विरासत का रंगारंग आगाज हुआ। पहले दिन पहाड़ के पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य और वाद्य यंत्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम की संध्या में गढ़वाल और कुमाऊ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी। महोत्सव में लोगों ने स्टॉल पर पहाड़ी व्यंजनों का खूब स्वाद चखा।I
Iहरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी स्कूल में उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट व चारधाम अस्पताल की ओर से आयोजित लोक विरासत का शुभारंभ लोक गायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा नेता अशोक वर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने किया। शाम की संध्या की शुरुआत युवा गायक रोहित चौहान के गीतों से हुई। उन्होंने गढ़वाली गीत छोरी चंद्रा की प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने जागर की सुंदर प्रस्तुति दी। इससे पहले लारा लत्ता-र्गेणा पत्ता परंपरागत वेशभूषा और वस्त्र आभूषणों का प्रदर्शन हुआ। इसके साथ ही कलाकारों ने टकनौर घाटी की वेशभूषा और वस्त्र आभूषणों का प्रदर्शन कर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। चमोली, भोटिया जनजाति, कुमाऊनी वेशभूषा एवं वस्त्र आभूषणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। चारधाम अस्पताल के निदेशक व आयोजक डॉ. केपी जोशी ने बताया कि चौथे इस लोक विरासत महोत्सव का आयोजन लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। रविवार को दूसरे दिन लोक गायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी प्रस्तुति देंगे।
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Iपांडव नृत्य और हुड़का थाली वादन की दी प्रस्तुति
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Iलोक विरासत महोत्सव में हरीश भारती ने गौरागणपति मुखौटा नृत्य, पांडव नृत्य, डौर, बुड़देवा, हुड़का थाली वादन की प्रस्तुति दी। नानक चंद जौनसारी की ओर से महासू की संगत (महासू देवता के वाद्ययंत्र) पर प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही प्रेम हिंदवाल ग्रुप ने गढ़वाल की भोटिया जनजाति के पौणा, बगड़वाल, मुखौटा नृत्य पेश किया। कमला देवी ने राजुला मालूशाही, भगनौल, न्योली, छपेली की सुंदर प्रस्तुति दी।I
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