कोलेजियम सिस्टम पर चिदंबरम ने उठाए गंभीर सवाल
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पूर्व वित्त मंत्री व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने देश में न्यायाधीशों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कोलेजियम सिस्टम को गलत बताया। कहा कि देश की आबादी 130 करोड़ से भी ज्यादा है, फिर भी जजों की नियुक्ति में कार्यपालिका की कोई भूमिका नहीं है, जबकि कार्यपालिका के लोग सभी वर्गों से चुनकर आते हैं।
यह बात चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को नैनीताल हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित संविधान दिवस के कार्यक्रम में कही।
चिदंबरम ने कनाडा, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में जजों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की संस्तुति पर राज्यपाल की ओर से की जाती है।
न्यायालय देश की कार्यपालिका पर विश्वास क्यों नहीं करता?
कोलेजियम पर न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय देश की कार्यपालिका, अधिकारियों व नागरिकों पर विश्वास क्यों नहीं करता है?
उन्होंने कोर्ट के इस विचार को एक्सट्रीम मानते हुए कहा कि वह न्यायाधीशों की नियुक्ति में न्यायालय के हस्तक्षेप पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन जजों की नियुक्ति में अधिकारियों व नागरिकों को भी चयन का अधिकार होना चाहिए।
इससे पूर्व हाईकोर्ट बार सभागार में पहुंचने पर पी. चिदंबरम का बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केएस बोरा व सीआरओ एमसी पंत स्वागत किया। इस मौके पर सैय्यद मून, आईडी पालीवाल, मंगल सिंह चौहान, त्रिलोचन पांडे, डीके जोशी, पंकज पुरोहित, किशोर कुमार, ममता जोशी, रामजी श्रीवास्तव, रविंद्र रायजादा, योगेश पचौलिया, शशांक उपाध्याय, अंजलि भार्गव, कौशल साह जगाती, महेंद्र रावत, कासिफ जाफरी आदि मौजूद थे। संचालन एमसी पंत ने किया।