उत्तराखंड: बदरीनाथ-केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में बारिश से सुहावना हुआ मौसम, ओलावृष्टि ने बढ़ाई ठंड
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उत्तराखंड में अलर्ट के बाद गुरुवार को पहाडों में झमाझम बारिश हुई। चमोली जिले में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब सहित जिले के निचले क्षेत्रों में देर शाम तक बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडक भरा हो गया है।
जिले में सुबह से ही चटख धूप खिली हुई थी, लेकिन शाम करीब चार बजे मंडल घाटी से अचानक आसमान में काले बादल छा गए। देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। गोपेश्वर के साथ ही नंदप्रयाग, पीपलकोटी, पोखरी, घाट और जोशीमठ क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई।
बदरीनाथ धाम में बृहस्पतिवार को 2645 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। अभी तक 874513 तीर्थयात्री भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। माता मूर्ति मेले के लिए धाम में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बढ़ गई है। देश के अंतिम गांव माणा, बामणी, पांडुकेश्वर, लामबगड़, अरुड़ी, पटूड़ी, गोविंदघाट और जोशीमठ से भी भक्त बदरीनाथ पहुंच गए हैं।
बारिश के साथ पड़े ओले
रुद्रप्रयाग में, शाम साढ़े पांच बजे से जनपद में तेज बारिश के साथ कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। केदारनाथ में भी बारिश से ठंड बढ़ गई है। यहां घना कोहरा छाया हुआ है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे थे।
साढ़े पांच बजे के बाद बादलों की तेज गर्जना और अंधड़ के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान क्यूंजा घाटी सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि हुई है, जिससे धान, मंडुवा, झंगोरा सहित साग-भाजी और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।
विभाग की मानें तो, मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलेगा। मौसम विभाग ने 22 से 25 सितंबर तक भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बता दिया है कि मानसून कब विदा लेगा। मानसून 28 सितंबर तक प्रदेश से विदा हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं कि इस बार मानसनू पिछले साल की तुलना में दस दिन पूर्व विदा हो सकता है।
यमुनोत्री धाम में बढ़ी रौनक
बीते जून माह में मानसून की बरसात का सिलसिला शुरू होने के साथ ही चार धाम यात्रा धीमी पड़ गई थी। बरसात में जगह-जगह भूस्खलन से यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने के कारण टूर ऑपरेटर्स ने तीर्थयात्रियों को इस ओर लाना बंद कर दिया था।
अब मानसून सीजन बीतने के बाद खिली धूप में मौसम खुशगवार हो गया है। यात्रा मार्ग सुरक्षित यातायात के लिए तैयार हैं। यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बने ओजरी डबरकोट में भी भूस्खलन का सिलसिला थमा होने से यहां वाहनों की आवाजाही सुचारू है। जिसके चलते एक बार फिर चार धाम यात्रा गति पकड़ने लगी है। यहां पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को धामों में गुनगुनी ठंड वाला मौसम खूब भा रहा है।