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Dehradun News: सीएमओ ने पछवादून के चार पीएचसी केंद्रों का किया निरीक्षण, गंदगी देख जताई नाराजगी
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सीएमओ डॉॅ. संजन जैन ने शुक्रवार को पछवादून क्षेत्र के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों में गंदगी और दवाओं के उचित रख-रखाव नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के चिकित्साधिकारियों को सफाई व्यवस्था में सुधार और दवाओं के उचित रख-रखाव के निर्देश दिए। चिकित्साधिकारियों ने सीएमओ को बताया कि अस्पतालों से नियमित तौर पर मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
सीएमओ ने पीएचसी सेलाकुई, राजावाला, सभावाला और कुंजाग्राट का औचक निरीक्षण किया। सभी अस्पतालों में जगह-जगह गंदगी के ढेर मिले। कूड़े का भी ठीक से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। चिकित्साधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में सफाईकर्मी नहीं हैं। सीएमओ ने बताया कि आचार संहिता समाप्त हो गई है। बताया कि जल्द चतुर्थ श्रेणी वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। बताया कि कर्मचारी उपलब्ध होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर अस्पतालों में सफाई की व्यवस्था की जाए। निरीक्षण दौरान अस्पतालों में दवाओं के रख-रखाव में भी अनियमितता पाई गई। एक्सपायरी दवाओं को अलग से नहीं रखा गया था।
सीएमओ ने गर्मी और मानसून में होने वाले हीट वेव और जलजनित रोगों के उपचार के लिए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। अस्पताल में रोगों से संबंधित पर्याप्त दवाएं मिली। सीएमओ ने ओपीडी रजिस्टर की जांच की तो अस्पतालों में दैनिक मरीजों की औसत संख्या 20 से 25 के बीच पाई गई।
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सीएमओ ने पीएचसी सेलाकुई, राजावाला, सभावाला और कुंजाग्राट का औचक निरीक्षण किया। सभी अस्पतालों में जगह-जगह गंदगी के ढेर मिले। कूड़े का भी ठीक से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। चिकित्साधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में सफाईकर्मी नहीं हैं। सीएमओ ने बताया कि आचार संहिता समाप्त हो गई है। बताया कि जल्द चतुर्थ श्रेणी वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। बताया कि कर्मचारी उपलब्ध होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर अस्पतालों में सफाई की व्यवस्था की जाए। निरीक्षण दौरान अस्पतालों में दवाओं के रख-रखाव में भी अनियमितता पाई गई। एक्सपायरी दवाओं को अलग से नहीं रखा गया था।
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सीएमओ ने गर्मी और मानसून में होने वाले हीट वेव और जलजनित रोगों के उपचार के लिए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। अस्पताल में रोगों से संबंधित पर्याप्त दवाएं मिली। सीएमओ ने ओपीडी रजिस्टर की जांच की तो अस्पतालों में दैनिक मरीजों की औसत संख्या 20 से 25 के बीच पाई गई।
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