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आर्य के आगे बेबस हुए सीएम साहब
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 11 Feb 2016 04:01 PM IST
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निबंधक संपर्क कार्यालय को दून से अल्मोड़ा स्थानांतरित करने के मामले में सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य की जिद ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी बेबस कर दिया है।
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ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए अब दोनों ही मंडलों में अधिकार संपन्न कार्यालय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। सहकारी समितियों ने 20 फरवरी से तालाबंदी की चेतावनी दी हुई है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री 20 से पहले ही इस मामले में आदेश जारी कर सकते हैं।
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निबंधक कार्यालय दून से अल्मोड़ा शिफ्ट किए जाने के पीछे सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य की जिद को ही वजह माना जा रहा है।
इससे पहले राज्य सहकारी आवास संघ का मुख्यालय भी दून से हटाकर कुमाऊं ले जाया गया था। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य गठन के बाद प्रदेश में दोनों मंडलों में उप निबंधक कार्यालय थे।
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राज्य गठन से पहले ही अल्मोड़ा में अपर निबंधक कार्यालय स्थापित था। इस कार्यालय में बजट से संबंधित काम होता था। बाकी के काम लखनऊ से ही हुआ करता था। राज्य गठन के बाद दून में संपर्क कार्यालय स्थापित किया गया था।
ऐसे में सहकारी संस्थाएं अल्मोड़ा में निबंधक कार्यालय को स्थानांतरित करने पर सवाल उठा रही हैं। जिला सहकारी बैंक संगठन के अध्यक्ष डा. केएस राणा के मुताबिक राज्य गठन के 16 साल बाद ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी कि कार्यालय अल्मोड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि संपर्क कार्यालय स्थानांतरित करने के मामले में सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य अड़ गए हैं। आर्य के रुख ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी बेबस कर दिया है। अब रावत को दोनों मंडलों में अधिकार संपन्न कार्यालय स्थापित करने की योजना बनानी पड़ी है। बैंक चेयरमैन इससे सहमत भी है।