मुंबई में सीएम त्रिवेंद्र, कहा - वेलनेस और आयुष का प्रमुख केंद्र है उत्तराखंड
- निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मुंबई में हुआ सम्मेलन
- अप्रैल माह में आयोजित होगी वेलनेस समिट 2020
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड वेलनेस और आयुष सेक्टर में निवेश के लिए पसंदीदा स्थल बनकर उभर रहा है। प्रदेश सरकार ने आयुष, वेलनेस और पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। यह बात मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुंबई में वेलनेस समिट 2020 को लेकर आयोजित सम्मेलन में कही।
वेलनेस सेक्टर में निवेश को आकर्षित करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार अप्रैल माह में समिट आयोजित कर रही है। इसी के सिलसिले में मुख्यमंत्री मुंबई दौरे पर गए हैं। सीआईआई के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने उद्योग एवं व्यवसाय जगत को समिट के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया जाए। जड़ी-बूटी और औषधीय पौधों से संबंधित उद्योगों से पर्वतीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योग को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के साथ औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य में हरिद्वार और पंतनगर में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और भूमि कस्टम स्टेशन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के बाद रोड शो में भी भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार केएस पंवार, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव दिलीप जावलकर, एल फैनई एवं सीआईआई महाराष्ट्र से विशाल कामत उपस्थित थे।
निवेश के लिए है बेहतर माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था के आधार हैं। हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सबसे आगे है। निवेश के लिए प्रदेश में बेहतर माहौल है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भी अच्छी है। बिजली दरें सबसे कम हैं।
चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का जल्द निर्माण करने के साथ एयर कनेक्टिविटी भी बेहतर बनाई जा रही है। कई जगह पर रोपवे प्रणाली विकसित की जा रही है। उत्तराखंड सबसे कम औद्योगिक विवाद वाले राज्यों में से है।
आयुर्वेद और योग का बढ़ रहा महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जीवनशैली में आए बदलाव से उन्हें स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद, योग एवं आध्यात्म को अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
चिकित्सा क्षेत्र के स्थान पर वेलनेस सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गंगा, अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी जैसी पवित्र नदियां हैं। कई धार्मिक महत्व के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। योग और अध्यात्म के लिए इससे बेहतर स्थान नहीं हो सकता है।