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उत्तराखंड: होटलों को सीएम की सौगात, एंटरटेनमेंट टैक्स खत्म

Mon, 28 Sep 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी Updated Mon, 28 Sep 2015 11:13 PM IST
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CM Rawat end the entertainment tax of hotels.

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए सीएम ने होटलों से मनोरंजन कर समाप्त करने का ऐलान किया। सभी करों के बदले एक कंसोलिडेटेड टैक्स पर सुझाव भी मांगे। इसके अलावा उन्होंने होटल संचालकों से राज्य में पर्यटन विकास के लिए सरकार के साथ सहभागिता निभाने की अपील की।

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कहा कि होटल को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा। राज्य में उद्योग धंधे स्थापित किए जाने के लिए लगभग दस करोड़ तक के अधिकार डीएम की अध्यक्षता वाली समिति को दिए गए हैं। इससे एक माह के भीतर उद्योग स्थापित करने की स्वीकृति मिल जाएगी। मुख्य सचिव को असीमित अधिकार दिए गए। उद्योग धंधों के विकास के लिए ई-केस के सुझाव पर भी गंभीरता से विचार करने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
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सोमवार शाम बार्लोगंज स्थित जेपी रेजीडेंसी मेनर में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन की एजीएम में बतौर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों को लुभाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसे होटल उद्यमी तलाशें, सरकार ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने में पीछे नहीं हटेगी।

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मसूरी, नैनीताल से हटकर भी तलाशें संभावनाएं: सीएम

CM Rawat end the entertainment tax of hotels.
सीएम ने कहा कि मसूरी और नैनीताल से हटकर भी होटल और पर्यटन व्यवसाय की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय इसमें आड़े न आए इसके लिए ईको टूरिज्म संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ राज्य की संस्कृति और खानपान से भी लोगों को रूबरू कराया जाएगा। मेलों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा।

इससे पहले उत्तराखंड होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप साहनी ने होटल संचालकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और उन्हें इंस्पेक्टर राज से होने वाले शोषण के बारे में भी बताया।

बैठक में पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, संस्कृति संवर्द्धन एवं मेला वर्गीकरण अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, सतीशचंद्र ढौडियाल, प्रमुख सचिव पर्यटन उमाकांत पंवार, होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिनेश शाह, सचिव दीपक गुप्ता, अमित वैश्य, संजय अग्रवाल, अजय भार्गव, मनु कोचर, कैलाश केशवानी समेत हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, कार्बेट पार्क, श्रीनगर, हल्द्वानी, अल्मोडा, नैनीताल, उत्तरकाशी और चारधाम से जुड़े होटल व्यवसायी मौजूद थे।

ये हैं होटल संचालकों की अन्य मांगें

CM Rawat end the entertainment tax of hotels.

एजीएम में अधिकांश होटल वाले मनोरंजन कर समाप्त करने, पेयजल कर और शुल्क में कटौती करने, होटल को उद्योग का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। आपदा प्रभावित चारधाम रूट के होटलों ने करों में छूट और हिमाचल और सिक्किम की तर्ज पर पर्यटन विकसित करने के साथ राज्य की सीमा में एक बार ही कर चुकता करने पर जोर दे रहे थे। ताकि सैलानियों को जगह-जगह टोल टैक्स या प्रवेश शुल्क न देना पड़े।

वाटर रेग्युलेटरी परिषद बनाने और पर्यटकों स्थलों के प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने पर भी जोर दिया गया। श्रीनगर गढ़वाल से आए व्यवसायियों ने कहा कि बांध के आसपास मैरीन ड्राइव विकसित करने का सरकार प्रयास करें। उत्तरकाशी से आए प्रतिनिधियों की मोबाइल टावर और ब्राडबैंड सेवा का विस्तार करने की मांग उठाई।

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