सीएम रावत का चैलेंज, ...तो पूरे राज्य से माफी मांगूंगा, पर क्यों?
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गैरसैंण में विधानसभा सत्र में हुए घटनाक्रम को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर हमला बोला। सदन में बाहरी व्यक्ति के घुसने के भाजपा के आरोप पर रावत ने कहा, मैं वीडियो फुटेज जारी कराने को तैयार हूं। यही नहीं सीएम ने कहा कि अगर सदन में कोई कांग्रेसी घुसा दिखे तो मैं पूरे राज्य से माफी मागूंगा। जो सदन के भीतर आए वे सभी मार्शल और रिजर्व मार्शल थे।
बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने भाजपा के व्यवहार को निंदनीय बताते हुए कहा कि क्रोध की भी सीमा होती है। कम से कम लोकतांत्रिक व संसदीय परंपराओं को अपने गुस्से का शिकार नहीं बनाना चाहिए। विपक्ष ने सदन में ना स्पीकर के आदेश माने और ना ही मुझे बोलने दिया।
सीएम ने कहा कि संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के उपासक के तौर पर मैं विपक्ष के इस आचरण से दुखी हूं। मैं संकल्प रखने के लिए खड़ा हुआ, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। उस संकल्प में उन सवालों का भी जवाब था, जिन्हें विपक्ष जानना चाहता था।
भाजपा पूरी तरह हो गई एक्सपोज: सीएम
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में एक्सपोज हो गई है। वह जिस नियम 310 के तहत चर्चा कराना चाहती थी, वह किसी सरकार के फेलियर पर चर्चा कराने को लेकर प्रयोग होता है। राजधानी का मुद्दा कम से कम सरकार की विफलता नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में पांच दिन का सत्र कराने में पसीने आ जाते हैं। राजधानी के लिए तो बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए। 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, कौन देगा?
पिछले 15 साल में राजधानी नहीं बनी तो 15 महीने में क्यों उम्मीद कर रहे हैं। गैरसैंण विकास और भावनाओं का प्रतिबिंब है। इसे राजधानी के रूप में नफे-नुकसान के तौर पर क्यों देखा जाता है। भाजपा के इस आरोप को भी सीएम ने झुठलाया कि सदन में बाहरी व्यक्ति घुसे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो किया सो किया, हमने अपना बिजनेस पूरा किया। राज्य के बजट का आकार बढ़ाकर 37485 करोड़ किया, जो पिछले वर्ष तक 32693 करोड़ का था।