'सूबे के सीएम को अपनी ही पुलिस पर भरोसा नहीं'
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रुड़की के ट्रिपल मर्डर केस के बाद सूबे की पुलिस की कार्यशैली मुख्यमंत्री हरीश रावत की आंखों में खटक रही है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत इस बात को लेकर ज्यादा नाराज है कि पुलिस के पास इतनी इंटेलीजेंस भी नहीं है कि इतनी बड़ी अपराधिक घटनाओं का पहले पता चल जाए। उन्होंने दो दिन पहले अधिकारियों की एक बैठक में कहा भी कि पुलिस विभाग की इंटेलीजेंस जीरो है।
रुड़की में सरेआम गोलियां चली और गैंगवार में तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस के आला अफसर घटना का ठीकरा जेल प्रशासन के सिर फोड़ते रहे लेकिन अपने खुफिया तंत्र की मजबूत करने की बात नहीं की।
अपराधों को लेकर सीएम नाराज
भले ही हरिद्वार पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले कुछ आरोपियों को पकड़ लिया हो लेकिन मुख्यमंत्री हरिद्वार में बढ़ रहे अपराधों को लेकर पहले से ही नाराज थे।
पिछले दिनों हरिद्वार के एसएसपी सदानंद दाते को हटाने पर विचार भी हुआ। दो दिन पहले अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपराध बढ़ने के साथ ही मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि पुलिस की बेसिक इंटेलीजेंस फेल हो रही है।
घटना होने की सूचना नहीं मिलना गंभीर विषय है। इसी चक्कर में उन्होंने प्रमुख सचिव गृह एमएच खान, डीजीपी बीएस सिद्धू व आईजी जेल विनोद शर्मा को जमकर फटकार भी लगाई।
इन्होंने की आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की मांग
रुड़की में हुई जिस गैंगवार को लेकर मुख्यमंत्री नाराज है उसी में कुछ आरोपियों को पकड़ने को लेकर खानपुर विधायक व खनिज परिषद के अध्यक्ष प्रणव सिंह चैम्पियन ने 1.11 लाख रुपए का ईनाम देने की घोषणा के साथ ही हरिद्वार के एसएसपी को राष्ट्रपति पदक व अन्य कर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की मांग मुख्यमंत्री से की है। चैम्पियन ने बताया कि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूर कर लिया है।