'उत्तराखंड में कांग्रेस राज बना माफिया राज'
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के आने के बाद से प्रदेश में माफिया राज हावी हो गया है। माफिया के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं। रावत को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
एसटीएच के जे वार्ड में भर्ती ध्यानी ने बुधवार को रावत सरकार पर जमकर आरोप लगाए। बोले, हमला करने वालों ने कहा कि वे ही सरकार है और वे ही प्रशासन हैं, सरकार और प्रशासन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
ध्यानी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं पूर्व विधायक रंजीत सिंह रावत से माफिया और क्रशर स्वामी सोहन सिंह ढिल्लन की बीजापुर गेस्ट हाउस में मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि एसडीएम, सीओ और कोतवाल को अपने ऊपर होने वाले हमले का अंदेशा जता दिया था, मगर किसी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मंगलवार को गड्ढे भरकर डंपर के लिए रास्ता बनाने पहुंचे एसडीएम ने साफ शब्दों में कहा कि हम दबाव में हैं। ध्यानी ने कहा कि वार्ता के दौरान एसडीएम ने एक सप्ताह के भीतर गूल, खेत और रास्ते का नापजोख कराने का लिखित आश्वासन दिया था।
सरकार कर रही खनन माफियाओं की मदद
मंगलवार 31 मार्च को गड्ढे भरने के दौरान खनन माफिया के पांच सौ लोग बाइकों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने कहा कि ढिल्लन और उनके साथियों के खिलाफ एक मई 2013 की घटना में जो मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें वापस लेने की सरकार तैयारी कर रही है।
आरोप लगाया कि सरकार ने हरिद्वार में भी कई खनन माफिया पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ध्यानी ने कहा कि लोगों को माफियाराज के खिलाफ फिर से एकजुट होना पड़ेगा।
कोई नेता नहीं पहुंचा वीरपुरी लच्छी
प्रभात ध्यानी ने कहा कि एक मई 2013 को वीरपुर लच्छी में दलित परिवारों की चार झोपड़ी जला दी गई थीं और कई राउंड गोलियां चली थीं। उन्होंने कहा कि सरकार या विपक्षी पार्टी का कोई भी नेता अब तक वहां नहीं गया।
एससी-एसटी आयोग में भी मामले की शिकायत की गई थी, मगर नतीजा सिफर ही रहा। उन्होंने कहा कांग्रेस अपने को दलितों का हितैषी कहती है, ये महज दिखाया है।