स्वच्छ भारत के लिए सीएम ने मांगी दूसरी किश्त
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार से देहरादून में वाटर टेस्टिंग लैब के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत दूसरी किश्त व एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
सोमवार को सीएम ने केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, पेयजल व भूमि संसाधन मंत्री वीरेंद्र सिंह से मुलाकात कर राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
मुलाकात के दौरान सीएम ने कहा कि मनरेगा के तहत 245 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त की जाए। उन्होंने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मनरेगा में मिलने वाले अंश को 40 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग रखी।
इस अनुपात को ग्राम पंचायत की बजाय जिला स्तर पर बनाए रखने की अनुमति भी मांगी। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार से पर्याप्त बजट अवमुक्त न करने के कारण मनरेगा में प्रशासनिक व्यय की प्रतिपूर्ति नहीं हो पा रही है।
केंद्रीय मंत्री के सामने रखीं ये मांगे
-पिछड़ा क्षेत्र ग्रांट फंड योजना के अंतर्गत 49 करोड़ की धनराशि स्वीकृति दे इसे तहसील या ब्लाक की बजाय संपूर्ण जिले को लिया जाए।
- जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के प्रशासनिक मद में आवश्यक धनराशि और इंदिरा आवास योजना में 2014-15 के लिए द्वितीय किश्त जल्द जारी हो।
- राजीव गांधी पंचायत सशक्तीकरण अभियान के तहत 2014-15 के लिए स्वीकृत 44 करोड़ 10 लाख की धनराशि निर्गत की जाए।
- लेबर बजट एवं गत वर्ष की देयता के अनुसार 245 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कराई जाए।
- आठ जनपदों हेतु अतिरिक्त धनराशि की मांग का प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया है, किन्तु अब तक उक्त मांग के सापेक्ष धनराशि अवमुक्त किया जाना ग्रामीण विकास मंत्रालय के स्तर पर लंबित है। अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़ व टिहरी के लिए केंद्रांश के रूप में कुल 940 लाख रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता है।
- इंदिरा आवास योजना के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए द्वितीय किस्त ग्रामीण विकास मंत्रालय अवमुक्त करे।
- पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों में सर्वप्रथम कार्यालय/पंचायत भवन के लिए केंद्र की ओर से योजना दी जाए। राज्य में प्रत्येक वर्ष लगभग सौ ग्राम पंचायतों को 2015-16 से लाभांवित किया जाए।