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सॉरी सीएम साहब, कोई विकल्प नहीं था!

Sat, 02 Aug 2014 10:20 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 02 Aug 2014 10:20 AM IST
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cm harish rawat and ministerial worker

सॉरी, सीएम साहब! आपकी अपील पर सरकारी कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

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ऐसे में उनके सामने हड़ताल और प्रदर्शन के सिवा दूसरा विकल्प नहीं है। जबकि पिछले दिनों सीएम से मिलने आए सरकारी कर्मचारियों से उन्होंने कहा था कि कर्मचारी प्रदेश को हड़ताली प्रदेश न बनाएं।

सीएम की अपील थी कि नया राज्य होने की वजह से बहुत सारे काम किये जाने हैं। हड़ताल की वजह से विकास कार्य तो बाधित होते ही हैं, जनता भी परेशान होती है।

प्रशासन ठप, जनता होगी बेहाल

cm harish rawat and ministerial worker

मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की हड़ताल से जनता की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। शनिवार से कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक कार्य ठप हो जाएंगे। इससे यहां होने वाला कोई भी काम नहीं हो पाएगा। ऐसे में किसी का कालेज में दाखिला फंस जाएगा तो कोई नौकरी का फार्म नहीं भर पाएगा।

शुक्रवार को तहसील में कई छात्र-छात्राएं आय प्रमाणपत्र के लिए चक्कर लगाकर लौट गए। कई लोगों को नौकरी के फार्म में जाति और आवास प्रमाणपत्र लगाना है, लेकिन नहीं बन पाया। डाक नहीं बंटने से समस्याओं का निस्तारण फंसा हुआ है।

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कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

cm harish rawat and ministerial worker

कर्मचारी प्रार्थनापत्र आदि नहीं ले रहे हैं। मुख्यमंत्री विवेकाधीन और राहत कोष से धनराशि का वितरण नहीं हो पा रहा है। चेक जिलाधिकारी संयुक्त कार्यालय में फंसे हैं। राजस्व विभाग के मसले लटक गए हैं।

दूसरी ओर, हड़ताल का असर कम करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि, तहसीलदार मनवर सिंह कंडारी का कहना है कि मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों को छोड़ बाकी कर्मचारी काम कर रहे हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का काम हो जाए। लेकिन हकीकत यह है कि लोगों का काम नहीं हो पा रहा है। परेशानहाल लोग कलेक्ट्रेट के चक्कर काट कर लौट रहे हैं।

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स्टाफिंग पैटर्न वापस न होने तक आंदोलन

cm harish rawat and ministerial worker

स्टाफिंग पैटर्न के खिलाफ कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।

शुक्रवार को तीन घंटे चली हंगामेदार बैठक में शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि डीएम के बुलाने पर ही वार्ता के लिए जाएंगे।

जिलाधिकारी संयुक्त कार्यालय में बैठक के दौरान तय किया गया कि स्टाफिंग पैटर्न वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि वे स्टाफिंग पैटर्न का विरोध कर रहे हैं। कार्मिकों के तबादले का आदेश भी उसी का हिस्सा है। इससे वे तबादले पर नहीं जाएंगे।

स्टाफिंग पैटर्न मान लिया तो कलेक्ट्रेट पुनर्गठन का मामला बेकार हो जाएगा। नए पद सृजित नहीं हो पाएंगे। कार्मिकों की प्रोन्नति में दिक्कत होगी। शुक्रवार को कार्मिकों ने सुबह आकर दस्तखत किए और सीट से उठ गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट संघ जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, संचालन देवेंद्र पोखरियाल ने किया। यहां प्रांतीय महामंत्री आशीष वर्मा, संघ सलाहकार राजेंद्र सेमवाल, अजय गोयल, हीरा वल्लभ ज्योति, सीमा जखमोला, साधना, सुखदेव शर्मा आदि रहे।

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