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जेटली के दरवाजे पर सीएम और वित्त मंत्री ने दी दस्तक, जानिए क्या है वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 21 Jan 2018 07:47 AM IST
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अरुण जेटली
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के दरवाजे पर दस्तक दी है। जानिए वजह...
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उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार को केंद्रीय बजट से ‘खास’ इमदाद की दरकार है। केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करने जा रही है। लिहाजा बजट पेश होने से पहले उत्तराखंड सरकार के मंत्री केंद्रीय मंत्रियों के दरवाजे पर दस्तक देने लगे हैं।
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पिछले दिनों मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़ी योजनाओं के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और मंत्रियों से मुलाकात की और विशेष पैकेज की डिमांड की। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने की वजह से त्रिवेंद्र सरकार पर विशेष सहायता हासिल करने का बड़ा दबाव है।
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जीएसटी और नोटबंदी के प्रभाव से राज्य का आर्थिक प्रबंधन गड़बड़ा गया है। खुद के संसाधनों से सरकार विकास की रफ्तार को उतनी तीव्रता के साथ नहीं बढ़ा पा रही है, जितनी जनता उससे उम्मीद कर रही है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार की सारी उम्मीदें केंद्र सरकार पर टिकी हैं।
करीब तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पिछली योजनाओं की लंबित
trivendra singh rawat
आम बजट से पहले प्रदेश सरकार इस कोशिश में है कि केंद्र पेयजल, पर्यटन, सड़क, परिवहन, शिक्षा के क्षेत्र में न सिर्फ विशेष सहायता का प्रावधान करे बल्कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में जो राशि केंद्र सरकार से अवमुक्त नहीं हो पाई है, वो जारी हो जाए। वित्त मंत्री प्रकाश पंत की मानें तो करीब तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पिछली योजनाओं की लंबित है, जिसे जारी कराने के प्रयास शुरू हुए हैं।
इन योजनाओं में है बजट की दरकार
-सरकार 2022 तक प्रदेश के हर घर में पानी पहुंचाना चाहती है। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत प्रदेश सरकार सालाना 300 करोड़ रुपये आवंटन चाहती है।
-उत्तराखंड ने जमरानी बांध परियोजना के तहत उत्तराखंड ने केंद्र से 2900 करोड़ की डिमांड की है।
-देहरादून में 100 करोड़ लागत के सेंटर फॉर डाइगनोस्टिक सर्विसेज खोलने की मांग की है ताकि इससे जिला स्तरीय अस्पताल टेलीमेडिसिन सेवा से जुड़ सकें।
-दैवीय आपदा व अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त 1840 सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष पैकेज की मांग।
इन योजनाओं में है बजट की दरकार
-सरकार 2022 तक प्रदेश के हर घर में पानी पहुंचाना चाहती है। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत प्रदेश सरकार सालाना 300 करोड़ रुपये आवंटन चाहती है।
-उत्तराखंड ने जमरानी बांध परियोजना के तहत उत्तराखंड ने केंद्र से 2900 करोड़ की डिमांड की है।
-देहरादून में 100 करोड़ लागत के सेंटर फॉर डाइगनोस्टिक सर्विसेज खोलने की मांग की है ताकि इससे जिला स्तरीय अस्पताल टेलीमेडिसिन सेवा से जुड़ सकें।
-दैवीय आपदा व अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त 1840 सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष पैकेज की मांग।
रेल परियोजना के लिए बजटीय प्रावधान की दरकार
prakash pant
-पर्यटन विकास योजना के तहत मसूरी, पूर्णागिरी व नीलकंठ रोपवे के तहत केंद्र से 310 करोड़ रुपये अवमुक्त हों।
-सर्व शिक्षा अभियान के तहत 1202 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जाएं
-महाभारत सर्किट से उत्तराखंड को भी जोड़ा जाए।
-जौलीग्रांट, पंतनगर, नैनीसैनी, गोचर और चिन्यालीसौड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने को बजट जारी किया जाए।
-13वें वित्त में स्वीकृत अधूरी योजनाओं का करीब 3045 करोड़ रुपये की बकाया राशि यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट देने के उपरांत जारी किया जाए।
-केंद्र सरकार से रुड़की-देवबंद रेल परियोजना और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना के लिए बजटीय प्रावधान की दरकार है।
14वें वित्त में विशेष योजना सहायता और अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मदें बंद कर दी गई हैं। अब केंद्र सरकार राज्यों से परियोजनाएं मांग कर रही है, जिन पर वह शत-प्रतिशत राशि खर्च कर रही है। इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्र से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में बजटीय प्रावधान करने और राशि जारी करने की अपेक्षा की है। राज्य की आशाएं अवश्य पूरी होंगी।- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री।
-सर्व शिक्षा अभियान के तहत 1202 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जाएं
-महाभारत सर्किट से उत्तराखंड को भी जोड़ा जाए।
-जौलीग्रांट, पंतनगर, नैनीसैनी, गोचर और चिन्यालीसौड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने को बजट जारी किया जाए।
-13वें वित्त में स्वीकृत अधूरी योजनाओं का करीब 3045 करोड़ रुपये की बकाया राशि यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट देने के उपरांत जारी किया जाए।
-केंद्र सरकार से रुड़की-देवबंद रेल परियोजना और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना के लिए बजटीय प्रावधान की दरकार है।
14वें वित्त में विशेष योजना सहायता और अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मदें बंद कर दी गई हैं। अब केंद्र सरकार राज्यों से परियोजनाएं मांग कर रही है, जिन पर वह शत-प्रतिशत राशि खर्च कर रही है। इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्र से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में बजटीय प्रावधान करने और राशि जारी करने की अपेक्षा की है। राज्य की आशाएं अवश्य पूरी होंगी।- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री।