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चार जगह बादल फटे, कुमाऊं में चार लापता
गढ़वाल/ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2013 08:09 AM IST
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गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से फिर कहर बरपा। मलबा आने से देहरादून में परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। कुमाऊं में बादल फटने के बाद परिवार के चार लोग लापता हैं। उत्तरकाशी, चमोली में भी बादल फटने से काफी नुकसान हुआ। जोरदार बारिश से गंगोत्री राजमार्ग कई जगह बंद हो गया। इससे उत्तरकाशी एक बार फिर बाकी हिस्सों से कट गया।
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देहरादून में मंगलवार देर रात बारिश के बाद बड़ी मात्रा में मलबा एक झोपड़ी पर जा गिरा। हादसे में परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नेपाली मजदूर विनोद थापा (33) पत्नी सरिता (30), बेटी पूजा (7) और बेटे निशांत (2) के शव निकाले।
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हादसा राजपुर क्षेत्र के तरला नागल गांव स्थित गब्बर सिंह बस्ती में हुआ। जहां हादसा हुआ, वह पूरा क्षेत्र भूस्खलन के लिहाज से खतरनाक है। बस्ती के ठीक ऊपर कच्ची मिट्टी की ढांग है तो नीचे उफनाती बरसाती नदी।
उफनाया गदेरा एक मकान बहा ले गया
बागेश्वर जिले के खाईबगड़ और अल्मोड़ा जिले के रगड़गाड़ में मंगलवार रात बादल फटने से व्यापक तबाही मची। बादल फटने के बाद उफनाया गदेरा एक मकान को बहा ले गया। मकान में पांच लोग थे। इनमें से दस वर्षीय बच्चे समेत चार लोग लापता हैं। तेरह वर्षीय एक किशोर झाड़ियों में फंस गया। उसे बचा लिया गया है। बाकी चारों के सरयू में बहने की आशंका है। इसके अलावा कई मकानों में मलबा भर गया। तीन लोग घायल भी हो गए।
लोगों ने घरों से बाहर भागकर जान बचाई। दो लोग मलबे में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बचाया। भतरौजखान के बधाण तोक में बुधवार की भारी बारिश से एक तिमंजिला मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में 14 माह का एक बच्चा दब गया, जिसे बचा लिया गया। अल्मोड़ा के रगड़गाड़ गांव में बादल फटने से सात मकान जमींदोज हो गए। खतरे को भांप कर लोग पहले ही घर छोड़ चुके थे, जिस कारण जनहानि टल गई। लेकिन, 200 नाली उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई।
उत्तरकाशी जिले में मंगलवार रात मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान मलबा आने से गंगोत्री राजमार्ग डुंडा और उत्तरकाशी के बीच कई जगह बंद हो गया। मुख्यालय का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। कई अन्य सड़कें बाधित हैं। जिले में धनारी गाड और कैड़ीगाड के जलागम क्षेत्र में अस्तल गांव के ऊपर बादल फटने से सैकड़ों नाली कृषि भूमि तबाह हो गई। कई घरों में मलबा जा घुसा। वरुणा घाटी क्षेत्र के गांवों में घरों से जलस्रोत फूटने लगे हैं। बरसाली, बाड़ागड्डी क्षेत्र में भी अतिवृष्टि से खासा नुकसान हुआ।
फसल बर्बाद
चमोली जिले में मैदुनी गांव के ऊपर जंगल में बादल फटने से कृषि भूमि और फसल बर्बाद हो गई है। गांव को जोड़ने वाला बना पैदल पुल भी ध्वस्त हो गया है, जिससे गांव का क्षेत्र और ब्लाक मुख्यालय नारायणबगड़ से संपर्क कट गया है। मंगलवार की रात हुई तेज बारिश के चलते जोशीमठ, पीपलकोटी और मंडल घाटी के लोगों ने रात जागकर काटी। रुद्रप्रयाग जिले के कालीमठ क्षेत्र में बदहाल पैदल मार्ग से गुजर रहा एक व्यक्ति राजेंद्र राणा (40) उफनती मंदाकिनी नदी में गिर गया। देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चल सका।
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