Dehradun: अश्लील हरकत और झूठे मुकदमे के मामले में सीजेएम कोर्ट ने पुलिस की एफआईआर पर उठाए सवाल, जांच के आदेश
पीड़िता ने वर्ष 2022 में कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कर होशियार सिंह पर अश्लील हरकत करने, जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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अश्लील हरकत, जान से मारने और झूठे मुकदमे के एक मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने मामले की दोबारा से जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही एसएसपी देहरादून को विवेचना करने वाले विवेचकों की जांच के भी आदेश दिए हैं।
एक पीड़िता ने वर्ष 2022 में कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कर होशियार सिंह पर अश्लील हरकत करने, जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
साक्ष्य के तौर पर पीड़िता ने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दिए थे। जांच एसआई मिथुन कुमार को सौंपी गई। सीसीटीवी फुटेज के बाद विवेचक ने धाराओं में बढ़ोत्तरी की थी। लेकिन मामला महिला से जुड़ा होने के कारण विवेचना बाद में महिला एसआई हेमा बिष्ट को सौंपी गई।
दोनों के बीच पारिवारिक झगड़ा
मामले में अंतिम रिपोर्ट एसआई नीमा बिष्ट ने कोर्ट में प्रस्तुत की, लेकिन उसमें सीसीटीवी का कोई साक्ष्य नहीं था। एसआई नीमा ने यह कहते हुए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी कि नामजद आरोपी 80 वर्ष का बुजुर्ग है। दोनों के बीच पुराना विवाद है। दोनों आपस में भाई-बहन हैं। दोनों के बीच पारिवारिक झगड़ा है।
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छेड़खानी, गाली गलौज, जैसी घटना का विवेचना में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। जिसके खिलाफ पीड़िता ने कोर्ट में वाद किया था। आरोप लगाया था कि अंतिम रिपोर्ट में विवेचक ने वास्तविक तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत की है। पीड़िता ने कोर्ट से मामले की दोबारा जांच की मांग की थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने कोतवाली प्रभारी को दोबारा जांच कर आख्या कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।