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इस 'चिराग' ने रौशन किया उत्तराखंड का नाम
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 12 Jan 2014 10:20 AM IST
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इंडोनेशिया, थाईलैंड, चीन सहित विभिन्न देशों में अपने खेल का जलवा बिखेर चुके अल्मोड़ा के बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग सेन देश के नंबर एक शटलर बन गए हैं।
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बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने साल 2013 की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आधार पर खिलाड़ियों की रैंकिंग जारी की है। इसमें अंडर-17 एकल वर्ग में चिराग 1015 अंकों के साथ टॉप सीड हो गए हैं।
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यह उपलब्धि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में हासिल की। इस वर्ग में यह उपलब्धि पाने वाले वह राज्य के पहले खिलाड़ी हैं। रैंकिंग के युगल वर्ग में चिराग छठे स्थान पर हैं।
विरासत को रोशन कर रहा चिराग
उम्र: 16 साल। उपलब्धियां: आठ अंतरराष्ट्रीय मेडल, 50 से अधिक राष्ट्रीय मेडल और अब भारत के टॉप सीड। महज छह साल की उम्र में पहली बार बैडमिंटन रैकिट थामने वाले चिराग सेन को यह खेल विरासत में मिला।
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तिलकपुर बगीचा अल्मोड़ा के रहने वाले चिराग सर्विसेज के लिए खेलने वाले दादा सीएल सेन और नेशनल खिलाड़ी रहे पिता डीके सेन की परंपरा को अपने खेल से आगे बढ़ा रहे हैं। चिराग के पिता डीके सेन जूनियर नेशनल बैडमिंटन कोच भी हैं।
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वर्ष 2008 में चिराग ने नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वर्ष 2012 में उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक कब्जाए। फोन पर बातचीत में चिराग ने कामयाबी का श्रेय पिता और कोच डीके सेन को दिया।
खास बात यह है कि चिराग के छोटे भाई लक्ष्य सेन भी बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। लक्ष्य भी वर्ष 2012-13 अंडर-13 में देश के नंबर वन खिलाड़ी रह चुके हैं।
टॉप 10 में उत्तराखंड का दबदबा
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग के अनुसार अंडर-17 टॉप-10 (बालक-बालिका) में चिराग समेत उत्तराखंड के छह खिलाड़ी शामिल हैं।
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लक्ष्य सेन और कौस्तुभ रावत 501 अंकों के साथ चौथे, बोधित जोशी आठवें नंबर पर हैं। वहीं बालिका वर्ग के एकल में कुहू गर्ग नंबर छह पर हैं। डबल्स में कुहू नंबर दो पर, जबकि अक्षिता नंबर आठ पर हैं।