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भारतीय सीमा में फिर चीनी घुसपैठ, चरवाहों को क्षेत्र से चले जाने के लिए किया चीनी सैनिकों ने इशारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
Updated Sat, 28 Jul 2018 08:05 PM IST
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Infiltration
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उत्तराखंड केचमोली जिले के चीन सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती चीनी घुसपैठ को लेकर फिर चर्चाओं में है।
यहां जुलाई माह में ही अब तक पांच बार चीन की ओर से घुसपैठ किए जाने की सूचना आ रही है। सूत्र बताते हैं कि छोटे वाहनों और घोड़े पर सवार होकर आए चीनी सैनिक बाड़ाहोती एरिया में बहने वाली होतीगाड़ के पास तक भारतीय सीमा में घुस आए थे। हालांकि प्रशासन ने ऐसी किसी भी सूचना से साफ इंकार किया है।
सूत्रों के अनुसार दस जुलाई को तुनजुन ला के पास बाइक के जरिए एक चीनी सैनिक करीब 500 मीटर तक भारत की सीमा में घुस आया था। आईटीबीपी जवानों के विरोध के बाद चीनी सैनिक वापस चला गया। इससे पहले आठ जुलाई को भी आधा दर्जन छोटे वाहनों में सवार 32 चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। चीनी सैनिक होतीगाड़ क्षेत्र में करीब चार किलोमीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए। इसी दिन घोड़े पर सवार कुछ चीनी सैनिक भी भारतीय सीमा में दिखे थे। चीनी सैनिकों ने भारतीय चरवाहों को इशारे से वापस चले जाने के लिए कहा।
चमोली की जिलाधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने बाड़ाहोती क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भेजे जाने की पुष्टि तो की है, लेकिन सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की किसी भी सूचना से उन्होंने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन ऐसी कोई सूचना प्रशासन को नहीं मिली है।
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यहां जुलाई माह में ही अब तक पांच बार चीन की ओर से घुसपैठ किए जाने की सूचना आ रही है। सूत्र बताते हैं कि छोटे वाहनों और घोड़े पर सवार होकर आए चीनी सैनिक बाड़ाहोती एरिया में बहने वाली होतीगाड़ के पास तक भारतीय सीमा में घुस आए थे। हालांकि प्रशासन ने ऐसी किसी भी सूचना से साफ इंकार किया है।
सूत्रों के अनुसार दस जुलाई को तुनजुन ला के पास बाइक के जरिए एक चीनी सैनिक करीब 500 मीटर तक भारत की सीमा में घुस आया था। आईटीबीपी जवानों के विरोध के बाद चीनी सैनिक वापस चला गया। इससे पहले आठ जुलाई को भी आधा दर्जन छोटे वाहनों में सवार 32 चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। चीनी सैनिक होतीगाड़ क्षेत्र में करीब चार किलोमीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए। इसी दिन घोड़े पर सवार कुछ चीनी सैनिक भी भारतीय सीमा में दिखे थे। चीनी सैनिकों ने भारतीय चरवाहों को इशारे से वापस चले जाने के लिए कहा।
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चमोली की जिलाधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने बाड़ाहोती क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भेजे जाने की पुष्टि तो की है, लेकिन सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की किसी भी सूचना से उन्होंने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन ऐसी कोई सूचना प्रशासन को नहीं मिली है।
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जिला प्रशासन की टीम बाड़ाहोती रवाना
घुसपैठ
- फोटो : Getty images
पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार किया है। यहां बता दें कि पिछले वर्ष भी 25 जुलाई को बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब 200 चीनी सैनिक करीब एक किमी. तक भारतीय सीमा में घुस आए थे। चीन सीमा क्षेत्र की रैकी के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम बाड़ाहोती के लिए रवाना हो गई है। बृहस्पतिवार को सीमा क्षेत्र के लिए रवाना हुई टीम शुक्रवार को आईटीबीपी के मलारी बेस कैंप से आगे पहुंच चुकी है।
हालांकि चमोली प्रशासन की टीम हर वर्ष सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के स्थलीय निरीक्षण के लिए जाती है, लेकिन इस बार चीनी घुसपैठ की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन का यह दौरा अहम माना जा रहा है। सीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की टीम सैन्य बल के साथ होतीगाड और बाड़ाहोती एरिया तक पहुंचती है। वर्षभर में चार बार टीम बाड़ाहोती पहुंचती है। टीम चार दिन बाद लौटेगी।
हालांकि चमोली प्रशासन की टीम हर वर्ष सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के स्थलीय निरीक्षण के लिए जाती है, लेकिन इस बार चीनी घुसपैठ की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन का यह दौरा अहम माना जा रहा है। सीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की टीम सैन्य बल के साथ होतीगाड और बाड़ाहोती एरिया तक पहुंचती है। वर्षभर में चार बार टीम बाड़ाहोती पहुंचती है। टीम चार दिन बाद लौटेगी।