दुल्हन के बारे में शादी के मंडप में पता चली ऐसी बात कि लौट गई बारात
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में हो रही एक शादी के मंडप में दुल्हन के बारे में कुछ ऐसा पता चला कि बारात लौट गई, पढ़िए पूरी खबर..
जिला बाल कल्याण समिति ने एक किशोरी का विवाह रोक दिया। किशोरी के माता-पिता ने अज्ञानता का हवाला दिया और 18 वर्ष की उम्र होने के बाद ही बेटी का विवाह करने की बात कही। बाल विवाह में समर्थन देने पर वर पक्ष को नोटिस दिया जाएगा।
वार्ड नंबर सात निवासी व्यक्ति ने नाबालिग पुत्री का विवाह काशीपुर निवासी युवक से तय किया था। शादी के लिए नैनीताल रोड स्थित आहूजा धर्मशाला को बुक कराया गया था।
शनिवार शाम जानकारी मिलने पर जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. रजनीश बत्रा ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने घर पहुंचकर परिजनों को शादी नहीं करने की हिदायत दी।
पता चलते ही दूल्हा और परिजन मौके से गायब
रविवार को आहूजा धर्मशाला में बारात आई तो रजनीश बत्रा, अपनी टीम के अमित श्रीवास्तव के साथ वहां पहुंच गई। धर्मशाला में दोनों पक्षों के लोग खाना खा रहे थे, लेकिन उनको दूल्हा और उसके परिजन नहीं मिले।
परिजनों के अनुसार स्कूल में लड़की की उम्र कम की गई थी, उसकी वास्तविक उम्र 19 साल है। बाद में लड़की के माता-पिता ने माना कि वह अज्ञानता की वजह से लड़की की शादी कर रहे थे।
शपथ ली कि वह लड़की के 18 साल पूरे होने पर ही उसका विवाह करेंगे। डॉ. बत्रा ने कहा कि बाल विवाह में साथ देने के लिए वर पक्ष को नोटिस देकर जवाब तलब होगा।
कोतवाल तुषार बोरा ने बताया कि उन्हें बाल विवाह की जानकारी मिली थी। इसके बाद लड़की के परिजनों को नाबालिग की शादी करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।