शुक्रवार को दून महिला अस्पताल में लापरवाही की इंतहा हो गई। गुरुवार को फर्श पर डिलीवरी होने से जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद अब एक और मामला सामने आया है।
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- फोटो : amar ujala
ऐसा ही लगता है कि दून अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिला और उनके बच्चे भगवान भरोसे हैं। महिला हरिद्वार जिले के भगवानपुर की रहने वाली है। गुरुवार को जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद शुक्रवार को एक गर्भवती महिला के पेट में 5 दिन से बच्चा मरे होने की पुष्टि हुई है। बताया गया कि महिला दिव्यांग है और अस्पताल द्वारा उसे व्हील चेयर भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
हालांकि शुक्रवार को मीडिया में मामला आने के बाद अस्पताल का स्टाफ अानन-फानन में महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले गया। महिला कल रात से दर्द से तड़प रही है। मामले के संज्ञान में आने के बाद अपर सचिव युगल किशोर पंत अस्पताल में जांच करने पहुंचे। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और कहा कि लापरवाह डॉक्टरों व स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की जाएगी। (अस्पताल में इस तरह फर्श पर बैठी रहती हैं गर्भवती महिलाएं)
बताया गया कि महिला पिछले पांच दिन से दून महिला अस्पताल में परेशान बैठी है, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ को इससे कोई लेना-देना नहीं है। (सुविधाओं की कमी के कारण कुछ इस तरह अस्पताल में परेशानी झेलते हैं मरीज)
बता दें कि गुरुवार को राजधानी के दून महिला अस्पताल में बेड के इंतजार में पांच दिन से बरामदे में पड़ी एक गर्भवती महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। मां की मौत के कुछ क्षण के भीतर नवजात ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से बिफरे परिजनों और अन्य लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा था।