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जब CM के 'दरबार' में लगी अधिकारियों की क्लास, देखती रह गई 'जनता'
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:03 PM IST
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सोमवार को सीएम के दरबार में जब अधिकारियों की क्लास लगी तो वहां मौजूद जनता देखती रह गई। अचानक वहां ऐसा माहौल हो गया जिस बात की उम्मीद वहां मौजूद लोगों में से किसी ने भी नहीं की थी। जानिए क्या हुआ था वहां...
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सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में जनता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों का निस्तारण नहीं करने वाले अफसरों की अब खैर नहीं है। शासन ने प्रशासन के जरिये कार्यक्रमों के दौरान दर्ज कराई शिकायतों का ब्यौरा निस्तारण की जानकारी तलब की है। अफसरों को आंकड़ा देने में पसीने छूट रहे हैं। इसका कारण है कि कई विभागों ने आमजन की समस्याओं का निस्तारण कई महीने बाद भी नहीं किया है।
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उल्लेखनीय है कि सरकार आमजन की समस्याओं के निस्तारण को लेकर ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन करा रही है। जिला स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लोग शिकायत दर्ज कराते हैं।
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अफसर मौके पर ही उनका निस्तारण करते हैं। कई ऐसी समस्याओं होती हैं जिनका मौके पर निस्तारण नहीं हो पाता है। ऐसी समस्याओं का अधिकारी को बाद में निस्तारण करना होता है। इसके बावजूद तमाम समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका लंबे अर्से तक निराकरण नहीं होता है और फरियादी अफ सरों के चक्कर लगाते रहते हैं।
अब शासन ने जिला प्रशासन के जरिये सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के दौरान दर्ज कराई गई शिकायतों और उनके निस्तारण का ब्यौरा तलब किया है। सीडीओ ने सभी विभागों को पत्र लिखा है कि वे संबंधित ब्यौरा उपलब्ध कराएं।
वहीं सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विभाग ब्यौरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। कारण इन विभागों ने समस्याओं का निराकरण नहीं किया है। ऐसे में इन विभागों के अफसरों को इस बात का डर सता रहा है कि ऐसा न हो कि उनकी लापरवाही खुद इन पर ही भारी पड़ जाए।
दूसरी ओर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि विभागों को ब्यौरा देना ही होगा ताकि उसे शासन को भेजा जा सके। ऐसा नहीं करने वाले अफसरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।