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Dehradun News: नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा छठ महापर्व
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नहाय-खाय के साथ आज से चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरूआत होगी। समिति की ओर से घाटों की साफ-सफाई से लेकर अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। घाटों पर अधिक भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंधन किए गए हैं। दून में करीब 30 जगह पर छठ पूजा की जाएगी। राजधानी दून में छठ महापर्व को लेकर खासा उत्साह है।
शुक्रवार को खरना पूजन के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। पूर्वा सांस्कृतिक मंच, बिहारी महासभा सहित कई मंचों की ओर से शहर के घाटों की साफ-सफाई की गई है। दून में टपकेश्वर, मालदेवता, प्रेमनगर, चंद्रबनी, पटेलनगर, हरभजवाला, गुल्लरघाटी, छह नंबर पुलिया, केसरवाला, रिस्पना पुल, रायपुर, ब्रह्मवाला सहित कई जगह घाटों पर तैयारी पूरी की गई है।
बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि नहाय खाय की सुबह व्रती भोर बेला में उठते है और गंगा स्नान आदि करने के बाद सूर्य पूजा के साथ व्रत की शुरूआत करते हैं।
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कद्दू-भात खाकर होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू
ललन सिंह ने बताया कि नहाय खाय के दिन व्रती चना दाल के साथ कद्दू-भात तैयार करते हैं और इसे ही खाया जाता है। इसके साथ ही व्रती 36 घंटे के निर्जला व्रत को शुरू करते हैं। इस दौरान व्रती नियमों के साथ सात्विक जीवन जीते हैं।
बाजार गुलजार, जमकर हुई खरीदारी
छठ महापर्व को लेकर शहर के बाजार गुलजार है। बृहस्पतिवार को बाजार में खूब खरीदारी की गई। छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से बाजार सजे हुए हैं। बाजार में बांस के सूप, ईख, नारियल, कद्दू सहित अन्य सामान की खूब खरीदारी की गई।
बिहार से आ रही छठ पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री
छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बिहार से ही बनकर दून में आ रही है। झंडा बाजार में छठ पूजा की सामग्री बेच रहे सन्नी ने बताया कि वह पिछले 17 साल से दून में ही रहकर काम कर रहे हैं। छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली बांस की सामग्री को बिहार से ही लाया जाता है। छठ महापर्व से एक महीना पहले ही बिहार से सामग्री को मंगाया जाता है।
टनल में फंसे मजदूरों की सलामती की होगी प्रार्थना
दून में छठ पूजा उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार डीजे को घाटों से दूर रखा जाएगा। इसमें उत्तरकाशी सिल्क्यारा में सुरंग में फंसे मजदूरों की सलामती के लिए छठी मईया से प्रार्थना की जाएगी। महासचिव सुभाष झा ने बताया कि मजदूरों की सलामती व उनके प्रति सवेंदना व्यक्त करने के लिए होर्डिंग्स और डीजे को घाटों से दूर रखा जाएगा। इस बार नहाय-खाय में छठ व्रतियों से सुरंग में फंसे मजदूरों की जान की समामती के लिए छठी मईया से प्रार्थना करने को कहा है।
चार दिवसीय महापर्व
17 नवंबर- नहाय-खाय
18 नवंबर- खरना
19 नवंबर- संध्या अर्घ्य
20 नवंबर- प्रातः अर्घ्य
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शुक्रवार को खरना पूजन के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। पूर्वा सांस्कृतिक मंच, बिहारी महासभा सहित कई मंचों की ओर से शहर के घाटों की साफ-सफाई की गई है। दून में टपकेश्वर, मालदेवता, प्रेमनगर, चंद्रबनी, पटेलनगर, हरभजवाला, गुल्लरघाटी, छह नंबर पुलिया, केसरवाला, रिस्पना पुल, रायपुर, ब्रह्मवाला सहित कई जगह घाटों पर तैयारी पूरी की गई है।
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बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि नहाय खाय की सुबह व्रती भोर बेला में उठते है और गंगा स्नान आदि करने के बाद सूर्य पूजा के साथ व्रत की शुरूआत करते हैं।
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कद्दू-भात खाकर होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू
ललन सिंह ने बताया कि नहाय खाय के दिन व्रती चना दाल के साथ कद्दू-भात तैयार करते हैं और इसे ही खाया जाता है। इसके साथ ही व्रती 36 घंटे के निर्जला व्रत को शुरू करते हैं। इस दौरान व्रती नियमों के साथ सात्विक जीवन जीते हैं।
बाजार गुलजार, जमकर हुई खरीदारी
छठ महापर्व को लेकर शहर के बाजार गुलजार है। बृहस्पतिवार को बाजार में खूब खरीदारी की गई। छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से बाजार सजे हुए हैं। बाजार में बांस के सूप, ईख, नारियल, कद्दू सहित अन्य सामान की खूब खरीदारी की गई।
बिहार से आ रही छठ पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री
छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बिहार से ही बनकर दून में आ रही है। झंडा बाजार में छठ पूजा की सामग्री बेच रहे सन्नी ने बताया कि वह पिछले 17 साल से दून में ही रहकर काम कर रहे हैं। छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली बांस की सामग्री को बिहार से ही लाया जाता है। छठ महापर्व से एक महीना पहले ही बिहार से सामग्री को मंगाया जाता है।
टनल में फंसे मजदूरों की सलामती की होगी प्रार्थना
दून में छठ पूजा उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार डीजे को घाटों से दूर रखा जाएगा। इसमें उत्तरकाशी सिल्क्यारा में सुरंग में फंसे मजदूरों की सलामती के लिए छठी मईया से प्रार्थना की जाएगी। महासचिव सुभाष झा ने बताया कि मजदूरों की सलामती व उनके प्रति सवेंदना व्यक्त करने के लिए होर्डिंग्स और डीजे को घाटों से दूर रखा जाएगा। इस बार नहाय-खाय में छठ व्रतियों से सुरंग में फंसे मजदूरों की जान की समामती के लिए छठी मईया से प्रार्थना करने को कहा है।
चार दिवसीय महापर्व
17 नवंबर- नहाय-खाय
18 नवंबर- खरना
19 नवंबर- संध्या अर्घ्य
20 नवंबर- प्रातः अर्घ्य