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सस्ते काउंटरों पर इतराए आलू और प्याज
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 17 Nov 2013 10:49 AM IST
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देहरादून में शनिवार को मंडी, डीएसओ, प्रशासन के मिले-जुले प्रयास से राशन की दुकानों में लगाए गए काउंटरों पर लोगों की भीड़ तो जुटी, लेकिन रिहायश के स्तर का असर भी साफ झलका।
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रेसकोर्स और जाखन में उम्मीद से कम लोग पहुंचे, वहीं बाकी जगह लोगों ने लाइन में लगकर आलू-प्याज खरीदा। यह बात अलग है कि यहां बेचे गए आलू-प्याज निचले दर्जे के रहे। मंडी समिति की तरफ से शहर में सात निर्धारित स्थानों पर तीन क्विंटल के करीब आलू-प्याज बिक्री के लिए रखा गया था।
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बिक्री का वक्त सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक नियत किया गया था, लेकिन ज्यादातर जगह पांच बजे से पहले ही खेप खत्म हो गई। तकरीबन दो-ढाई बजे तक काउंटर साफ था।
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और सप्लाई मंगाने की बात पर मंडी समिति की तरफ से हाथ खड़े कर दिए गए। ऐसे में बहुत लोगों को सस्ते काउंटरों का लाभ नहीं मिल सका। भीड़ जुटने के बावजूद कुछ ने आलू-प्याज की घटिया क्वालिटी देखी तो बगैर खरीदे लौट गए।
गुजरात से महुआ प्याज की बात
यह सच है कि अभी जो प्याज आ रहा है, वह अच्छी क्वालिटी का नहीं। गुजरात बात हुई है। वहां से महुआ प्याज आएगा। चार-पांच दिन में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
- विजय थपलियाल, मंडी सचिव
कुछ यूं रहा हाल-
स्थान : जोगीवाला
पंचायत भवन, नत्थनपुर के आगे लोग लाइन में जुटे थे। यहां कोई खैरात नहीं बंट रही थी, बल्कि सस्ता आलू-प्याज खरीदने की चाह में लोग एक-दूसरे से आगे आने में जुटे थे। जिसको आलू-प्याज मिल गए, वह अपने आपको धन्य समझ रहा था। यूं बिक्री का समय शाम पांच बजे तक निर्धारित किया गया था, लेकिन साढ़े 12 बजे से पहले ही खेप खत्म हो चुकी थी।
गल्ला विक्रेता राजा राम ने मंडी समिति को फोन लगा और सप्लाई भेजने को कहा, लेकिन हाथ खड़े कर दिए गए। इस दुकान में तकरीबन दो क्विंटल, 80 किलो प्याज की खेप पहुंचाई गई थी, जो कुल 113 ग्राहकों को बांटी गई।
स्थान : रेसकोर्स
यहां सोहनलाल की दुकान पर आलू-प्याज बिकने के लिए रखे गए थे। तकरीबन दो क्विंटल 80 किलो की खेप पहुंची थी, लेकिन यहां लोगों ने इसमें बहुत रुचि नहीं दिखाई। दुकान बंद होने तक यहां तकरीबन 25 किलो आलू-प्याज ग्राहकों की राह तक रहा था।
मंडी रविवार को भी खुलेगी
रविवार को यूं मंडी का साप्ताहिक बंदी का दिन है, लेकिन डीएम के निर्देश पर मंडी को इस दफा रविवार को भी खोला जाएगा। कारण यह कि लोगों को सब्जी इस दिन भी सुनिश्चित हो सकें।
आज से दो रुपए और महंगा
काउंटर के सस्ते आलू-प्याज खरीदने के लिए आज से दो रुपये और ज्यादा खर्च करने होंगे। डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने डीएसओ श्याम आर्य और मंडी निरीक्षक अजय डबराल संग बैठक कर इस संबंध में निर्देश जारी किए।
ऐसा राशन विक्रेताओं की मांग पर किया गया। वह एक रुपया प्रति किलो सब्जी पर, जबकि एक रुपया ट्रांसपोर्टेशन खर्च के रूप में लेंगे। इस तरह आलू अब 18 रुपये प्रति किलो, जबकि प्याज 45 रुपए प्रति किलो पर बिकेगा।
नगर निगम क्यों नहीं रद करता लाइसेंस
सब्जियों की लगातार ऊंची जा रही कीमतों पर मंडी समिति वाले फुटकरों पर कार्रवाई का कोई हक न होने की बात उठा रहे हैं। उनका कहना है कि थोक रेट कम होने के बावजूद ठेली वाले मार्जिन ऊंचा रख सब्जियों अधिक कीमत पर बेच रहे हैं।
उनका सवाल है कि ठेली का लाइसेंस नगर निगम जारी करता है। प्रशासन को इस संबंध में निगम को भी अपने साथ मिलाना चाहिए। ज्यादा मुनाफे के फेर में जनता से अधिक कीमत वसूलने वालों का लाइसेंस रद होना चाहिए।
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