चारधाम यात्रा : इस बार टूटेगा तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड, सीएम धामी ने कहा- हमारे लिए भी एक चुनौती, देश दुनिया के यात्री लेकर जाएं अच्छा संदेश
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आयोजित पर्यटन व आतिथ्य सम्मेलन का सीएम धामी ने शुभारंभ किया। इस मौकेपर सीएम ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग रीढ़ की हड्डी है। प्रदेश की एक बड़ी आबादी की आजीविका चारधाम यात्रा पर निर्भर है, लेकिन इस बार चारधाम यात्रा पूरी क्षमता के साथ संचालित होगी।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल में चारधाम यात्रा का संचालन पूरी तरह से नहीं हो पाया। लेकिन इस बार यात्रा में आने वाले तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड टूटेगा। यह हमारे लिए एक चुनौती भी है कि देश दुनिया से आने वाले यात्री एक अच्छा संदेश लेकर जाएं।
शनिवार को जीएमएस रोड स्थित एक होटल में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की ओर से आयोजित पर्यटन व आतिथ्य सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में साहसिक पर्यटन, वेलनेस, होम स्टे गतिविधियों पर आधारित वीडियो ॐ अपनाते हैं दिल खोल के ॐ और चारधाम पैदल मार्ग के सर्वेक्षण पर आधारित डॉक्यूमेंटरी का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने मोटरहोम एडवेंचर्स के सहयोग से प्रदेश में कैरावैन टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई कैरावैन का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग रीढ़ की हड्डी है। प्रदेश की एक बड़ी आबादी की आजीविका चारधाम यात्रा पर निर्भर है। कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल में चारधाम यात्रा पूरे स्वरूप में संचालित नहीं हो पाई।
सरकार की ओर से यात्रा संचालन के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने सीमित संख्या में यात्रा शुरू करने के आदेश दिए। लेकिन यात्रा में कई अधिक तीर्थ यात्री पहुंच रहे थे। जिस पर सरकार ने दोबारा से हाईकोर्ट में यात्रियों की संख्या में छूट देने का अनुरोध किया। लेकिन इस बार चारधाम यात्रा पूरी क्षमता के साथ संचालित होगी।
आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा
यात्रा में आने वाले तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड टूटेगा। इसके लिए सरकार के साथ पर्यटन व्यवसायियों को तैयार रहना होगा। सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदेश में सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम में कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। अभी तक जितने श्रद्धालु उत्तराखंड में आए हैं, उससे कई गुना अधिक श्रद्धालु आने वाले दस वर्षों में देवभूमि उत्तराखंड आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में जब हम उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती मनाएंगे, उस समय उत्तराखंड हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में होगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है। सड़क, हवाई व रेल मार्गों का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में होने वाले मंथन से पर्यटन विकास के लिए सकारात्मक रास्ते निकलेंगे। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक विनोद चमोली, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अपर निदेशक विवेक चौहान, पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अश्विनी पुंडीर, उप निदेशक, योगेंद्र कुमार गंगवार, अपर निदेशक पूनम चांद, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता आदि मौजूद थे।
सर्विस प्रोवाइडर राज्य बने उत्तराखंड
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड को सर्विस प्रोवाइडर राज्य बनना होगा। इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। देश दुनिया से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिले। कोविड महामारी में पर्यटन उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। कोविड की चुनौतियों सामना कर अब पर्यटन उद्योग तेजी से पटरी पर लौट रहा है। उत्तराखंड में तीर्थाटन के साथ साहसिक पर्यटन की काफी संभावना है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से विष्णु सर्किट, शैव सर्किट, विवेकानंद सर्किट, नरसिंह सर्किट, नवग्रह सर्किट, गोलजू सर्किट, महासू देवता सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, हनुमान सर्किट का तेजी से प्रचार-प्रसार करने के साथ ही अन्य सर्किटों का विकास करने की योजना है। अब साहसिक पर्यटन के शौकीन विदेशी पर्यटकों के लिए भी पसंदीदा स्थल बन गया है। शीतकालीन पर्यटन के लिए स्कीइंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे प्रदेश में साल भर पर्यटक आते रहे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनना चाहिए।
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उत्तराखंड में आ सकते हैं एक करोड़ पर्यटक
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन के रूप में प्रसिद्ध है। प्रदेश में 35 लाख अधिकतम पर्यटन आए हैं। लेकिन पर्यटकों को ठहरने व अन्य बेहतर सुविधा दें तो प्रदेश में एक करोड़ पर्यटक आ सकते हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन की तरफ विशेष ध्यान देना होगा। दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों के प्रति व्यवहार में भी बदलाव लाना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से कोविड महामारी में हुए नुकसान को देखते होटल व्यवसायियों को बिजली व पानी के बिलों में छूट देने की मांग की है।