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चारधाम यात्रा: ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के दौरान धक्का-मुक्की, तीन घंटे तक बेसुध पड़ा रहा तीर्थयात्री

Thu, 28 May 2026 11:09 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 28 May 2026 11:09 PM IST
सार

ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के दौरान एक यात्री बेहोश हो गया। बेहोश होने के बावजूद, उन्हें किसी ने उठाकर डिस्पेंसरी तक नहीं पहुंचाया। वह काउंटर के पास ही लेटे रहे।

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Chardham Yatra: Scuffle breaks out during registration at Rishikesh transit camp, Tir lies unconscious for thr
ऋषिकेश में चारधाम यात्रा पंजीकरण के दौरान भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चारधाम यात्रा के दौरान पंजीकरण व्यवस्था में अव्यवस्थाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण लाइन में धक्का-मुक्की के कारण एक तीर्थयात्री बेहोश हो गया और करीब तीन घंटे तक बेसुध पड़ा रहा। इस घटना ने यात्रा प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब यात्री को ढूंढने में परिजनों को यात्रा प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिली।
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मध्य प्रदेश के सतना जिले के प्रेमशंकर तिवारी, अपनी पत्नी और भाई की बहू के साथ चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और भाई की बहू सुबह पांच बजे से ही दो व तीन नंबर काउंटर पर पंजीकरण के लिए लाइन में लगी थीं, जबकि वह 16 नंबर काउंटर पर थे। सुबह करीब 11 बजे, लाइन में हो रही धक्का-मुक्की और अत्यधिक उमस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े।
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सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बेहोश होने के बावजूद, उन्हें किसी ने उठाकर डिस्पेंसरी तक नहीं पहुंचाया। वह काउंटर के पास ही लेटे रहे। दोपहर करीब दो बजे, जब उनकी स्थिति सामान्य हुई, तो वह ट्रांजिट कैंप के पूछताछ काउंटर पर पहुंचे, जहां उनके परिजन उन्हें ढूंढते हुए पहुंचे। प्रेमशंकर तिवारी ने यात्रा प्रशासन से पंजीकरण व्यवस्था को सरल और सुगम बनाने की अपील की है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

खोया-पाया केंद्र की अनुपलब्धता बनी परेशानी का सबब
इस घटना ने ट्रांजिट कैंप में खोया-पाया केंद्र की अनुपलब्धता को भी उजागर किया है। मध्य प्रदेश के तीर्थयात्री के तीन घंटे तक लापता रहने के दौरान, यात्रा प्रशासन की ओर से उन्हें ढूंढने में कोई सक्रिय मदद नहीं मिली। न ही यात्री के गायब होने की घोषणा (अनाउंसमेंट) कराई गई। खोया-पाया केंद्र न होने के कारण, तीर्थयात्रियों को इस तरह की आपातकालीन स्थितियों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

तीर्थयात्री की लाइन में लगने के दौरान बेहोश होने की जानकारी नहीं मिल पाई। जैसे ही वह तीर्थयात्री रिसेप्शन पर आया उसने कर्मचारियों को सूचना दी। उसके बाद उसका तुरंत पंजीकरण करवाया गया। वह परिवार सहित चारधाम की यात्रा पर रवाना हो गए।
- जसपाल चौहान, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी, टिहरी गढ़वाल

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