Chardham Yatra: ओजरी-डाबरकोट में भूस्खलन, रोकी यमुनोत्री धाम की यात्रा, जोखिम भरी बनी हुई है आवाजाही
तेज बारिश के कारण ओजरी-डाबरकोट के भूस्खलन जोन पर दोपहर बाद बोल्डर व मलबा गिरने के कारण आवाजाही बंद हो गई है।
विस्तार
बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे के ओजरी-डाबरकोट में बोल्डर व मलबा गिरने से यमुनोत्री धाम के यात्रियों को दोपहर बाद पालीगाड़ में डाबरकोट से करीब सात किमी पहले रोक दिया। वहीं गंगोत्री हाईवे पर धरासू, बंदरकोट में भी पहाड़ी से भूस्खलन होने से आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है।
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तेज बारिश के कारण ओजरी-डाबरकोट के भूस्खलन जोन पर दोपहर बाद बोल्डर व मलबा गिरने के कारण आवाजाही बंद हो गई है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने यमुनोत्री धाम की यात्रा को पालीगाड़ में भूस्खलन से जोन से करीब सात किमी पहले ही यात्रियों को रोक दिया है।
वहीं यात्रियों को सुरक्षित स्थानों में रुकवाया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि तेज बारिश जारी है। वहीं ओजरी में भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इसलिए आज के लिए यमुनोत्री धाम की यात्रा को रोक दिया गया है। दोनों ओर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
कुसनाला मोटर पुल की एप्रोच टूटी
यमुनोत्री हाईवे को कूपड़ा गांव को जोड़ने वाले मोटर मार्ग पर स्तिथ कुसनाला मोटर पुल की एप्रोच एक ही बरसात में भरभरा कर गिर गई। जिस कारण कुपड़ा गांव सहित वहां पर स्तिथ होटलों में यात्रियों के वाहन फंस गए हैं। ग्रामीणों नें पीएमजीएसवाई विभाग से जल्द एप्रोच के मरम्मतीकरण की मांग की है।
केदारनाथ: बारिश होने पर 12.30 बजे बाद सोनप्रयाग में रोके यात्री
रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते सोनप्रयाग से दोपहर 12.30 बजे के बाद यात्री केदारनाथ नही भेजे गए। इससे पूर्व तड़के तीन बजे से दोपहर 12 बजे तक 8296 श्रद्धालु धाम के लिए रवाना हुए।
बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे बारिश शुरू होने पर प्रशासन द्वारा दोपहर बाद 12.30 बजे के बाद सोनप्रयाग से यात्रियों को धाम नहीं भेजा गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट नीरज रावत ने बताया कि सोनप्रयाग में साढ़े तीन हजार यात्री रुके हैं। उधर, केदारनाथ में भी बारिश होती रही।