चारधाम देवस्थानम बोर्ड: हक-हकूकधारी और तीर्थपुरोहितों ने भरी हुंकार, तीन नवंबर को केदारनाथ कूच का एलान
समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल का कहना है कि पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत व वर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होने से तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी क्षुब्ध हैं।
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देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति ने सभी तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारियों से 3 नवंबर को केदारनाथ कूच का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर मांग को अनसुना करने का आरोप भी लगाया है।
समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल, महामंत्री हरीश डिमरी व कोषाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण जुगराण का कहना है कि दो साल से चारधाम में देवस्थानम बोर्ड का विरोध हो रहा है। तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी चरणबद्ध आंदोलन करते आ रहे हैं। इस दौरान कई बार शासन, प्रशासन से वार्ता भी हो चुकी है।
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पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत व वर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होने से तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी क्षुब्ध हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर जायज मांग की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक देवस्थानम बोर्ड को भंग नहीं किया जाता, केदारनाथ में आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला व महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती का कहना है कि सरकार ने तीर्थपुरोहितों व हक-हकूकधारियों का विश्वास तोड़ा है। अब, आंदोलन को तेज करते हुए शीतकाल में केदारघाटी में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
देवस्थानम एक्ट के विरोध में सोमवार को गंगोत्री बंद
देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं होने से गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों में रोष है। उन्होंने सरकार के आश्वासन के बाद भी बोर्ड व एक्ट वापस नहीं होने पर सोमवार को गंगोत्री बंद रखने का निर्णय लिया है। रविवार को श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति से जुड़े तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों ने बैठक कर देवस्थानम बोर्ड व एक्ट के मुद्दे पर चर्चा की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 11 सितंबर को सीएम के साथ हुई वार्ता में 30 अक्तूबर तक देवस्थानम बोर्ड भंग कर करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।
बैठक में सभी ने सोमवार को गंगोत्री धाम में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने, भागीरथी घाट पर होने वाले पूजा पाठ कार्य बंद रखने एवं 10 बजे रैली निकालने का निर्णय लिया। बैठक में सह सचिव राजेश सेमवाल, इंद्रदेव सेमवाल, संजय सेमवाल, गणेश सेमवाल, कमलनयन सेमवाल, आशाराम सेमवाल, अंबरीश सेमवाल, माधव सेमवाल, बद्रीप्रसाद सेमवाल आदि शामिल थे।